Vice President Election: 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। संसद के गलियारों में एनडीए और विपक्ष दोनों ही जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। हालाँकि अभी भी 18 सांसदों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे किसे वोट देंगे, जिससे मुकाबला और रोमांचक बन गया है
उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन और बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच कड़ा मुकाबला।(फोटो सोर्स: PTI/ ANI)
कौन किसके पक्ष में?
एनडीए की ओर से महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन उम्मीदवार हैं। अगर सभी सांसद पार्टी लाइन पर वोट करें तो उन्हें लगभग 439 वोट मिल सकते हैं। दूसरी तरफ़, विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को उतारा है, जिन्हें 324 वोट मिलने की संभावना है। लेकिन जो 18 सांसद ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं, वही चुनाव का रुख़ बदल सकते हैं।
अभी फ़ैसला नहीं लेने वाले सांसदों की भूमिका
बीजेडी के 7, बीआरएस के 4, अकाली दल, ज़ेडपीएम और वीओटीटीपी से 1-1 और 3 निर्दलीय सांसदों ने अब तक अपनी रणनीति स्पष्ट नहीं की है। इनके रुख़ का चुनाव पर गहरा असर पड़ सकता है
समर्थन का गणित
- •आप (10 सांसद) ने विपक्षी उम्मीदवार जस्टिस रेड्डी का समर्थन किया है।
- •वाईएसआर कांग्रेस (11 सांसद) ने एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन का समर्थन किया है।
- गुप्त मतदान होने के कारण दोनों ही खेमे को उम्मीद है कि कुछ सांसद दलगत रेखा से हटकर क्रॉस वोटिंग करेंगे।
विपक्ष की रणनीति
विपक्ष इस चुनाव को “संविधान बनाम आरएसएस-बीजेपी” की लड़ाई बताकर प्रचार कर रहा है। वह टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस और जनसेना के सांसदों को यह कहकर प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है कि जस्टिस रेड्डी तेलुगु समुदाय से आते हैं और संविधान की रक्षा के लिए खड़े हैं।
कांग्रेस की तैयारी
कांग्रेस ने इस चुनाव को गंभीरता से लेते हुए कई स्तरों पर तैयारी की है
- •हर 15 सांसदों के लिए अलग समन्वयक नियुक्त किया गया है।
- •सोमवार को संसद भवन में “मॉक पोल” आयोजित किया जाएगा।
- •कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सोमवार रात को डिनर डिप्लोमेसी के ज़रिए सहयोगी दलों को साधेंगे।
बीजेपी की रणनीति
बीजेपी ने अपने सांसदों को वरीयता आधारित मतदान पद्धति समझाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। पार्टी चाहती है कि कोई भी वोट अमान्य न हो, क्योंकि पिछले चुनावों में कई वोट ग़लत भरने की वजह से रद्द हो चुके हैं।
चुनाव प्रक्रिया कैसी है?
- संविधान के अनुच्छेद 66(1) के तहत उपराष्ट्रपति चुनाव एकल हस्तांतरणीय वोट प्रणाली से होता है।
- •सांसदों को उम्मीदवारों के सामने अंकित क्रम में प्राथमिकता देनी होती है।
- •पहली प्राथमिकता अनिवार्य है, अन्य प्राथमिकताएं वैकल्पिक हैं।
- •निर्वाचन आयोग इसके लिए विशेष पेन देगा और उसी से वोट डालना होगा। किसी अन्य पेन का इस्तेमाल करने पर वोट अमान्य हो जाएगा।
नतीजों से आगे का संदेश
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही परिणाम एनडीए के पक्ष में ही क्यों न जाएं, लेकिन विपक्ष को विश्वास है कि उसका संदेश ज़रूर गूंजेगा और क्रॉस वोटिंग उसकी बात को मज़बूत करेगी। अगर विपक्ष को सभी 324 वोट मिलते हैं, तो यह किसी हारे हुए उम्मीदवार के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा होगा।
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