Vice Admiral Arti Sarin: वाइस एडमिरल आरती सरीन को मंगलवार को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा का नया महानिदेशक (डीजीएएफएमएस) नियुक्त कर दिया गया। इसके साथ ही सेना, नौसेना और वायु सेना को चिकित्सा सेवा देने वाली सेना की इस इकाई का कमान संभालने वाली सरीन पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। यही नहीं भारतीय सेना में शीर्ष पद पर पहुंचने वाली सबसे वरिष्ठ महिला अधिकारी होने का गौरव भी उन्हें मिला है। सेना के सभी चिकित्सा मामलों से जुड़ी नीतियां बनाने के लिए उत्तरदायी डीजीएएफएमएस सीधे रक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट करता है।
एएफएमएस की महानिदेशक बनीं वाइस एडमिरल सरीन।
गामा नाइफ सर्जरी में प्रशिक्षित
सरीन 1985 में सेना में अधिकारी बनीं। इन्होंने आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी) पुणे से स्नातक किया। फिर इसके बाद रेडिएशन ओंकोलॉजी एवं रेडियोडॉयोग्निसिस में इन्होंने परास्नातक की डिग्री ली। वह गामा नाइफ सर्जरी में प्रशिक्षित भी हैं।
सेना में कई अहम पदों पर रह चुकी हैं सरीन
सेना में सरीन कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवा दे चुकी हैं। भारतीय वायु सेना एवं नौसेना में वह चिकित्सा सेवा की महानिदेशक पद पर रह चुकी हैं। इन्होंने आईएनएचएस अश्विनी एवं एएफएमएस दो बड़ी यूनिटों की कमान संभाली है। सरीन दक्षिणी नौसेना कमांड एवं पश्चिमी नौसेना कमांड का कमान मेडिकल ऑफिसर रह चुकी हैं।
नेशनल टास्क फोर्स की हैं सदस्य
सेना में महिलाओं को शामिल होने के लिए सरीन हमेशा उन्हें प्रोत्साहित करती आई हैं। कार्यस्थल पर महिला चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जो नेशनल टास्क फोर्स बनाया है, सरीन उसमें सदस्य हैं। सेना में अपनी सेवाओं के लिए सरीन अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) से सम्मानित हो चुकी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु ने उन्हें यह सम्मान जुलाई 2024 में दिया।
