श्रीनगर–कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस ने एक नई मिसाल कायम की है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए सुलभ, सस्ती और विश्वसनीय बनी है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि भारत के दूरदराज क्षेत्रों को जोड़ने में वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों की भूमिका बेहद अहम है।
श्रीनगर–कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस (फाइल फोटो:PTI)
सिर्फ रेल नहीं, ये बदलते भारत की रफ्तार है
श्रीनगर से कटरा के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन ने जून से अगस्त 2025 तक लगातार 100% से भी अधिक ऑक्युपेंसी के आंकड़े दर्ज किए हैं। यात्रियों का उत्साह हर महीने बना रहा और सीटों की बुकिंग लगभग हमेशा फुल रही। यह इस बात का प्रमाण है कि यह ट्रेन इस रूट पर अब लोगों की पहली पसंद बन चुकी है।
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यात्रियों को मिला सस्ता और सुविधाजनक विकल्प
इससे पहले, जम्मू–श्रीनगर रूट पर यात्रा करने वाले यात्री महंगे हवाई किरायों पर निर्भर रहते थे। कई बार यह किराए ₹10,000 से ₹15,000 तक भी पहुँच जाते थे। लेकिन वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होते ही परिदृश्य बदल गया है। अब यात्री न केवल आधे से भी कम खर्च में यात्रा कर रहे हैं, बल्कि उन्हें समय पर, सीधी और आरामदायक रेल सेवा भी मिल रही है।
सिर्फ एक ट्रेन नहीं, एक ट्रैवल रिवॉल्यूशन
वंदे भारत ट्रेन सिर्फ एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि एक ट्रैवल रिवॉल्यूशन साबित हो रही है। इसकी सफल शुरुआत ने यह साबित कर दिया है कि यदि सुविधाएं बेहतर हों, तो लोग रेल यात्रा को ही प्राथमिकता देंगे। इससे न केवल रेल मंत्रालय की आमदनी में इजाफा हुआ है, बल्कि जम्मू–कश्मीर जैसे संवेदनशील और पर्यटक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी भी और मज़बूत हुई है।
