Mohan Bhagwat on 'Sanatan' and Saffron Color: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुखिया मोहन भागवत ने कहा है कि सनातन को किसी प्रकार के प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) की जरूरत नहीं है। अंग्रेजी में कहते हैं कि "टाइम प्रूवन"...काल की कसौटी पर वही एक सत्य सिद्ध हुआ है। बाकी सब बदलता है। वो तब से चला है, आज भी है और कल भी रहेगा। लेकिन आज के युग में उसके चलते यह जो भगवा वस्त्रों की प्रतिष्ठा आई है उसे ओढ़कर हम उसकी कीर्ति को और बढ़ाएंगे। ऐसे में हमें इस सनातन को अपने आचरण से लोगों को समझाना पड़ेगा कि आखिर में यह क्या है। ये बातें बुधवार (29 मार्च, 2023) को उन्होंने उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ के संन्यास दीक्षा महोत्सव के दौरान कही।
वह यह भी बोले- नींद छोड़कर लोग काम में लग जाते हैं। आप कितने भी आलसी हो...सोने वाले हो, पर दिन के प्रकाश में आप सो नहीं सकते। आपको कुछ अंधेरा करना ही पड़ेगा...यह कर्मशीलता का भी प्रतीक है। मदुरै में मीनाक्षी मंदिर है, जहां छोटा सा साइंस म्यूजियम है, जहां मैं कुछ साल पहले गया था। मैंने वहां पाया कि विभिन्न रंगों के मनुष्य के स्वभाव पर क्या प्रभाव पड़ता है। वहां भगवा रंग भी था। उस पर लिखा था कि इस रंग के वातावरण के कारण कर्मशीलता और कुल-मिलाकर सबके प्रति आत्मीयता सबके प्रति बनता है। विज्ञान भी यह बात मानता है।
