दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में एक लिफ्ट में सात मासूमों के फंसने का मामला सामने आया है। वे सभी अपार्टमेंट में एक फ्लैट में हुई बर्थडे पार्टी से लौटकर आ रहे थे। रात को लिफ्ट ली और 14वें माले पर पहुंचे, तभी लिफ्ट अटक गई। इस दौरान सात बच्चों में से कुछ बेहद परेशान हो गए। वे जोर-जोर से मम्मी-मम्मी चिल्लाने लगे और मदद की गुहार लगाने लगे। वे करीब 40 मिनट तक अंदर फंसे रहे, जिसके बाद उन्हें सही-सलामत बाहर निकाला जा सका, पर इस घटना ने सोसायटी की कई अव्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
यह मामला शुक्रवार (चार नवंबर, 2022) का है। रात को ग्रेनो वेस्ट की गुलशन बेलिना सोसायटी में एक लिफ्ट फंस गई। ई-टावर की यह लिफ्ट 14वें माले पर लगभग 40 मिनट तक अटकी रही, जिसमें सात बच्चे अंदर थे। वे इस दौरान काफी घबरा गए थे और मदद के लिए चीख-पुकार लगा रहे थे।
लिफ्ट में फंसे बच्चों में से कुछ को इस दौरान मम्मी याद आ गईं। वे बोले थे- मम्मी बचाओ-बचाओ...यहां कोई हमारी मदद नहीं कर रहा है। चिल्लाने के दौरान उन्हें लिफ्ट में लगा अलार्म भी बजाया। वह भी एक बार नहीं बल्कि कई बार। सुरक्षा गार्ड्स को अब तक इस मामले की खबर न हो सकी थी। इसी बीच, कुछ लोगों ने बच्चों की चीख सुनीं तो वे हरकत में आए।
उन्हें आशंका हुई कि कुछ न कुछ गड़बड़ है। आनन-फानन उन्होंने इमरजेंसी नंबर पर कॉल किया, पर वह बंद था। लोगों ने इसके बाद गार्ड्स को जानकारी दी, जिसके बाद लिफ्ट की चाभी लाने के लिए भेजा गया। चाभी न मिलने के चलते बच्चे करीब 40 मिनट तक लिफ्ट में परेशान होते रहे। जैसे ही उन्हें बाहर निकाला गया, उन्होंने राहत की सांस ली। बाद में वे लिफ्ट की फुटेज देखने पहुंचे तो पता चला कि लिफ्ट के अंदर लगा सीसीटीवी कैमरा भी खराब था।
घटना के बाद लिफ्ट में फंसे कुछ बच्चों ने उस दिन के बाद दोबारा लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं किया। वे सीढ़ियों का यूज करने लगे। परिजन और सोसायटी के लोगों के मुताबिक, वे काफी सदमे में है।
