Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। दर-दर भटक रहे पाकिस्तान ने अमेरिका से मदद की गुहार लगाई है कि वह तनाव को कम कराए। इस बीच, अमेरिका के रक्षा मंत्री का एक बयान सामने आया जिसमें उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है।
फोटो: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (बाएं), अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (बीच), और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (दाएं)
भारत के साथ खड़ा है अमेरिका
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले में निर्दोष नागरिकों की दुखद मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ एकजुटता से खड़ा है और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है।
बकौल रक्षा मंत्री कार्यालय, अमेरिकी रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में अमेरिकी सरकार के मजबूत समर्थन को दोहराया। दरअसल, पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे और कई लोग घायल हो गए। हमले के बाद से घाटी में हाई अलर्ट है और चप्पे-चप्पे में आतंकियों की तलाश जारी है।
हालांकि, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर अलग-अलग बातचीत की और दोनों देशों से किसी भी तनाव से बचने का आग्रह किया।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर के साथ बुधवार रात को फोन पर हुई अपनी बातचीत में रुबियो ने पहलगाम में 'भयावह' आतंकवादी हमले में लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ सहयोग को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता जताई।
'आतंकियों को दबोचने में मदद करेगा US'
इससे पहले अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी की निदेशक तुलसी गबार्ड ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा था कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है। तुलसी गबार्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था, ''हम पहलगाम में 26 हिंदुओं को निशाना बनाकर किए गए भयावह इस्लामी आतंकी हमले के मद्देनजर भारत के साथ खड़े हैं।''
उन्होंने कहा था कि मेरी प्रार्थनाएं और गहरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। हम भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं और इस जघन्य हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को दबोचने में आपका समर्थन करेंगे।
