Epstein Files: अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को (स्थानीय समयानुसार) बड़े पैमाने पर दिवंगत फाइनेंसर एवं यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की जांच से जुड़े दस्तावेज एवं सामग्री सार्वजनिक की। इन सामग्रियों में जांच से जुड़े तीस लाख से ज्यादा पन्ने, 2000 से ज्यादा वीडियो और करीब 180,000 तस्वीरें शामिल हैं। एपस्टीन को नाबालिगों की यौन तस्करी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया था और 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई। एपस्टीन से दुनिया भर की जानी-मानी हस्तियां जुड़ी हुई थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी एपस्टीन का दोस्त बताया जाता है।
यूएस न्याय विभाग ने जारी कीं एपस्टीन से जुड़ी फाइलें।
2,000 वीडियो,1,80,000 तस्वीरें शामिल
डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि फाइलों का यह सेट जिसमें 2,000 वीडियो और 1,80,000 तस्वीरें शामिल हैं, एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों की आखिरी बड़ी रिलीज होने की उम्मीद है। यह दस्तावेज जारी किए जाने की प्रक्रिया कानून द्वारा तय 19 दिसंबर की समयसीमा के एक महीने से भी अधिक समय बाद पूरी हुई। ब्लैंच के अनुसार, यह सैकड़ों वकीलों की मेहनत का नतीजा है, जिन्होंने न्याय विभाग के भीतर हफ्तों तक फाइलों की समीक्षा की और पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी को हटाया।
एपस्टीन के खिलाफ जुटाए गए थे सबूत
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में न्याय विभाग के बड़े संसाधन और समय लगे, जिसके चलते वॉशिंगटन डी.सी., फ्लोरिडा और न्यूयॉर्क से शीर्ष अभियोजकों को फाइलों की जांच के लिए लगाया गया। इन दस्तावेजों से उस सबूतों का विस्तृत रूप सामने आने की उम्मीद है, जिन्हें विभाग ने राजनीतिक रूप से प्रभावशाली वित्तपोषक एपस्टीन के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए इकट्ठा किया था। एपस्टीन पर 2019 में सेक्स तस्करी के आरोप लगाए गए थे और उसी वर्ष संघीय हिरासत में उसकी मौत हो गई थी। उसकी मौत को आत्महत्या करार दिया गया था। हालांकि, उसकी मौत पर सवाल उठते हैं।
जेफ्री एपस्टीन ने कैसे बढ़ाई ट्रंप की टेंशन?
सारा मामला यौन अपराधी रहे एपस्टीन की उस कथित ‘क्लाइंट फाइल’ का है, जिसमें दुनियाभर के ताकतवर नेताओं, बिजनेस टायकून और हस्तियों के नाम दर्ज होने की बातें हैं। ट्रंप प्रशासन पर आरोप है कि जानबूझकर इस ‘क्लाइंट फाइल’ को छिपाया जा रहा है। अमेरिकी एजेंसी FBI और जस्टिस डिपार्टमेंट पर भी एपस्टीन फाइल को दबाने के आरोप लग रहे हैं। लंबे समय से इन फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है।
