US Iran War: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। युद्ध की वजह से अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी है, जिसकी वजह से भारत समेत एशिया के कई देशों की रिफाइनरियां अब ईरान से तेल खरीदने की तैयारी कर रही हैं।
अमेरिका ने दुनिया को ईरानी तेल खरीदने की दी इजाजत।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान से जुड़े तेल पर लगे प्रतिबंधों में 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पैसों के भुगतान को लेकर अमेरिका के फैसला का इंतजार
स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका द्वारा दी गई इस छूट से वैश्विक बाजार में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल उपलब्ध होगा। यह अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से ऊर्जा बाजार पर पैदा हुए दबाव को कम करने में मददगार होगी और उन देशों को राहत मिलेगी जो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं।
तीन भारतीय ऑयल रिफाइनरी कंपनियों ने कहा कि वे ईरानी तेल खरीदेंगे और भुगतान की शर्तों जैसे विवरणों पर सरकार के निर्देशों और अमेरिका से स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। भारत में कच्चे तेल का भंडार अन्य बड़े एशियाई तेल आयातकों की तुलना में काफी कम है। अमेरिका द्वारा हाल ही में अस्थायी रूप से प्रतिबंध हटाने के बाद भारत की रिफाइनरियों ने रूसी तेल की बुकिंग में तेजी दिखाई।
एशियाई देशों की नजर सस्ते ईरानी कच्चे तेल पर
मामले की जानकारी रखने वाले कई लोगों ने बताया कि अन्य एशियाई रिफाइनर यह पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं कि क्या वे तेल खरीद सकते हैं। इस फैसले के बाद भारत और अन्य एशियाई देशों की नजर सस्ते ईरानी कच्चे तेल पर है, जिससे ऊर्जा संकट को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। अनुमान है कि करीब 130–170 मिलियन बैरल ईरानी तेल समुद्र में मौजूद है, जो वैश्विक सप्लाई को राहत दे सकता है।
