श्रीनगर के बाद लद्दाख पहुंचे सर्जियो गोर, थिकसे मोनेस्ट्री का किया दौरा, 15वीं सदी का बौद्धमठ देख हुए अभिभूत

इस मठ में सदियों पुरानी कलाकृतियां, स्तूप, थंका चित्र और भित्तिचित्र मौजूद हैं। मठ में 1980 के दशक में स्थापित मैत्रेय बुद्ध की 15 मीटर (48 फीट) ऊंची प्रतिमा भी है। यह मठ अपनी रोजाना होने वाली सुबह की प्रार्थना के लिए प्रसिद्ध है।

Sergio Gor visits Thiksey Monastery : भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर शुक्रवार को लद्दाख पहुंचे और यहां स्थित थिकसे मोनेस्ट्री का दौरा किया। पहाड़ी पर स्थित यह बौद्ध मठ मध्य लद्दाख का सबसे बड़ा मोनेस्ट्री है। इस बौद्ध मठ की बनावट एवं संरचना तिब्बत के पोटोला पैलेस जैसी है। लेह से करीब 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मोनेस्ट्री का निर्माण साल 1433 में हुआ था। बता दें कि गोर श्रीनगर का दौरा करने के बाद लद्दाख पहुंचे हैं।

US Ambassador Sergio Gor

लद्दाख में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर।

सुबह की प्रार्थना के लिए प्रसिद्ध है यह मठ

इस मठ में सदियों पुरानी कलाकृतियां, स्तूप, थंका चित्र और भित्तिचित्र मौजूद हैं। मठ में 1980 के दशक में स्थापित मैत्रेय बुद्ध की 15 मीटर (48 फीट) ऊंची प्रतिमा भी है। यह मठ अपनी रोजाना होने वाली सुबह की प्रार्थना के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करने पहुंचते हैं। यहां से आसपास के पहाड़ी गांवों और पृष्ठभूमि में बहती सिंधु नदी का मनोरम दृश्य भी दिखाई देता है। गोर गुरुवार को लेह पहुंचे। इससे पहले उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। 2020 के गलवान संघर्ष और चीन के साथ सीमा गतिरोध के बाद किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का इस रणनीतिक सीमावर्ती क्षेत्र का यह महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है।

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