Uproar in Lok Sabha: संसद के मौजूदा सत्र के खत्म होने में सिर्फ दो ही दिन बचे हैं और आज भी लोकसभा में संग्राम मचा रहा। FCRA बिल, राम मंदिर दान चोरी विवाद और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज जैसे मुद्दों पर विपक्ष के भारी हंगामे के बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। विपक्षी दलों ने आज भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया और लाठीचार्ज के मुद्दे पर अमित शाह के बयान की मांग की। हालांकि, सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि शाह सदन में बयान देंगे, लेकिन सदन में गतिरोध बरकरार रहा।
लोकसभा में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन
राम मंदिर चंदा चोरी और FCRA विधेयक का मुद्दा
राम मंदिर के चंदे की चोरी के विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा सांसद अवधेश प्रसाद और अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद में प्रदर्शन किया। ये लोग दान चोरी के मुद्दे पर सरकार से जवाब देने और बहस की मांग कर रहे थे।
वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने एफसीआरए विधेयक को जेपीसी को भेजे जाने पर कहा, "इसे भेजा जाना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "कल कुछ नहीं होगा। हम वही करते रहेंगे जो हम अब तक करते आए हैं।"
प्रियंका गांधी वाड्रा बोलीं, हमारी मांग पूरी नहीं हुई
संसद में केंद्रीय गृह मंत्री से बयान की विपक्ष की मांग पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, यह मांग पूरी नहीं हुई है। इससे पता चलता है कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है। यह वह मंच है जहां उन्हें सवालों के जवाब देने और बयान देने होते हैं। एक बड़ा प्रदर्शन हुआ। देश के युवा शहरों में सड़कों पर उतरे; उन्हें पीटा गया, गोली मारी गई। क्या सरकार को इस बारे में बयान नहीं देना चाहिए कि यह सब कैसे हुआ?
अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, वे अल्पसंख्यकों को दबाने के लिए एफसीआरए विधेयक लाना चाहते हैं। वे इसे केवल अपने स्वार्थों को साधने के लिए ला रहे हैं...आपने जहां एयरपोर्ट बनाया वहां आज जलभराव है, एक्सप्रेसवे पर गड्ढे हैं। तो आप कर क्या रहे हैं? सरकार चलाने वाले और विमान पायलट में समानताएं दिखती हैं।
डिंपल यादव और महुआ मोइत्रा भी बरसीं
एफसीआरए विधेयक को जेपीसी को भेजे जाने पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, "अगर इसे जेपीसी को भेजा जा रहा है तो यह अच्छी बात है। इस विधेयक से सरकार उन संगठनों को डरा सकती थी जो उनके अनुसार काम नहीं कर रहे थे। जबकि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "अमित शाह संसद से भाग रहे हैं। हम उनसे इस बात पर बयान मांग रहे हैं कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। वे (सरकार) राम मंदिर मुद्दे पर भी चर्चा नहीं कर रहे हैं। हम (विपक्षी सांसद) रोजाना संसद आ रहे हैं, लेकिन अमित शाह नहीं।"
