Asad Encounter Story: 13 अप्रैल 2023 का दिन शायद ही अतीक अहमद भूल सकें। एक तरफ वो प्रयागराज के सीजेएम कोर्ट के सामने उमेश पाल मर्डर केस में अपनी बेगुनाही की दलील पेश कर रहे थे तो दूसरी तरफ यूपी पुलिस 14 दिन की रिमांड मांग रही थी। दोनों पक्षों की दलील और जिरह के बीच एक बड़ी खबर आई कि झांसी के पास बड़ागांव इलाके में यूपी एसटीएफ ने पांच लाख के इनामी असद को मार गिराया है। खबर जंगल में आग की तरह फैली और अतीक अहमद जो खौफ का दूसरा नाम हुआ करता था वो अदालत में ही फूट फूट कर रोने लगा। लेकिन इससे इतर हम असद एनकाउंटर के एक एक बिंदुओं पर चर्चा करेंगे।
एसटीएफ को 48 घंटे पहले मिली खास जानकारी
सूत्रों के मुताबिक पिछले 48 घंटे से ही असद की उल्टी गिनती शुरू हो गई थी। यूपी एसटीएफ को असद और गुलाम के बारे में लगातार पुख्ता इनपुट मिल रहे थे। जिसके बाद कुछ जगहों पर छापेमारी की लेकिन असद पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो जा रहा था। लेकिन झांसी में उसके छिपे होने की ख़बर जैसे ही stf को मिली। एसटीएफ की टीम ने जाल बिछाना शुरू किया और ऑपरेशन बेहद गोपनीय रखा गया। दरअसल दिल्ली से फरार होने के बाद असद और गुलाम लगातार अपना हाईडाउत बदल रहे थे। लेकिन दिल्ली में जिन लोगो ने उनकी मदद की थी उनसे कई इनपुट मिले जिसके बेसिस पर यूपी एसटीएफ से स्पेशल सेल ने कई इनपुट शेयर किए। इस इनपुट पर यूपी एसटीएफ ने काम करना शुरू किया। जिसके बाद आखिरकार असद पर शिकंजा कामयाबी मिली।
बताया जा रहा है कि अतीक के बहनोई अखलाक की गिरफ्तारी जब मेरठ से की गई तो कई तरह की जानकारियां सामने आईं। मसलन अखलाक कई दिनों तक नोएडा- ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के चक्कर लगाता रहा। वो दिल्ली में किसी करीबी के यहां रुका था और पैसों की कमी के बाद उसने अपने पिता के पुराने ड्राइवर को अखलाक के पास भेजा और पैसे मंगाए। अखलाक की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ को सभी कड़ियों को जोड़ने में कामयाबी मिली और करीब डेढ़ महीने के बाद वो झांसी के पास मार गिराया गया।
