UP Safe City Project महिलाओं के साथ होने वाली अप्रिय घटना को पहले ही पहचान लेगा AI

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 17, 2023, 07:09 PM IST

इसके जरिये शत-प्रतिशत महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने, अपराधियों को पहचानने, शोहदों पर नकेल कसने, किसी आपात स्थिति में महिलाओं व बच्चों की तत्काल मदद पहुंचाने और आत्महत्या को रोकने में मदद मिलेगी। इसमें अहम भूमिका डायल 112 की होगी, जिसे सरकारी और निजी सीसीटीवी को जोड़ा जाएगा।

KEY HIGHLIGHTS
  1. सेफ सिटी परियोजना के अंतर्गत पहले चरण में 17 नगर निगम व गौतमबुद्धनगर में एआई तकनीक का किया जाएगा प्रयोग
  2. महिलाओं, सीनियर सिटीजन, बच्चों व दिव्यांगों की मदद के लिए योगी सरकार ने लिया अहम फैसला
  3. महिला के हाव-भाव तथा मदद के लिए उठाए गए हाथ को चिह्नित कर एआई जारी करेगा एसओएस सिग्नल

महिलाओं, सीनियर सिटीजन, बच्चों व दिव्यांगों की सुरक्षा तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार पहले चरण में 17 नगर निगमों और गौतमबुद्धनगर को सेफ सिटी के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके लिए योगी सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का प्रयोग करेगी।सेफ सिटी परियोजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रयोग से एसिड अटैक, महिलाओं पर हमले की घटना को पहले ही भांपा जा सकेगा। दरअसल, एआई बोतल या ग्लास में एसिड लेकर हमले की मंशा और महिला के हाव-भाव को भांपकर तुरंत अलर्ट जारी कर देगा।

UP CM Yogi Adityanath

महिलाओं, सीनियर सिटीजन, बच्चों व दिव्यांगों की मदद के लिए योगी सरकार ने लिया अहम फैसला

यह अलर्ट डायल 112 को मिलते ही पास के पीआरवी को सिग्नल के साथ घटना की लोकेशन और संबंधित थाने के पुलिसकर्मी को स्थिति से अवगत कराने के साथ तत्काल पहुंचने का निर्देश दिया जाएगा। इतना ही नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मदद के लिए किसी महिला, सीनियर सिटीजन, बच्चे और दिव्यांग द्वारा उठाए गए हाथ को भी चिह्नित कर एसओएस सिग्नल जारी कर देगा।

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