Lucknow Metro: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए अच्छी खबर है। मेट्रो का तीसरा कॉरिडोर चारबाग से पीजीआई तक बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर की लंबाई 11 किलोमीटर होगी। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा के निर्देश पर यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन कॉरिडोर ने सर्वे और डीपीआर की तैयारी शुरू कर दी है। आपको बता दें कि लखनऊ में मेट्रो के अब तक दो कॉरिडोर मंजूर हो चुके हैं। नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक के हिस्से में मेट्रो रफ्तार भर रही है। दूसरे कॉरिडोर में चारबाग से बसंतकुंज के हिस्से की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसकी फाइल मंजूरी का इंतजार है। डीपीआर शासन को भेज दी गई है, जिसे जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। अब तीसरे कॉरिडोर की कवायद शुरू कर दी गई है।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने तीन अक्टूबर को लखनऊ में तीसरे फेज के मेट्रो के निर्माण के लिए काम शुरू करने का निर्देश दिया था। मुख्य सचिव का पत्र आने के बाद उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस संबंध में काम शुरू कर दिया है। इस हिस्से का यूपी मेट्रो जल्द ही सर्वे कराएगा।
पांच वर्ष में पूरा होगा काम, 5801.05 करोड़ खर्च
बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव चाहते हैं कि तीसरे फेज का कार्य भी दूसरे के कुछ समय के बाद ही शुरू हो जाए। क्योंकि चारबाग से पीजीआई तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें खर्च कम आएगा। 11 स्टेशन बनाने के लिए करीब 4000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चारबाग से बसंतकुंज हिस्से यानी ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के निर्माण पर 5801.05 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा। मेट्रो परियोजना पूरी होने में पांच वर्ष का समय लगेगा। यूपी मेट्रो कॉर्पोरेशन ने जून 2027 में कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। वहीं, मुख्य सचिव की बैठक में यह भी तय हुआ है कि चारबाग से बसंतकुंज के ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के पांच मेट्रो स्टेशनों के बाहर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण के लिए लखनऊ विकास प्राधिकर (एलडीए) और नगर निगम जमीन देंगे। मुख्य सचिव ने इसमें से दो मंजिल कॉम्प्लेक्स और बाकी इमारत आवासीय करने का निर्देश दिया है।
सभी स्टेशनों में बनाई जाएगी पार्किंग
चारबाग से बसंतकुंज के बीच बनने वाले सभी 12 स्टेशनों के बाहर पार्किंग भी बनाई जाएगी। इनमें दो जगहों चौक, अमीनाबाद में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की योजना है। कुछ जगहों पर एलडीए जमीन देगा तो कुछ जगह नगर निगम जमीन मुहैया कराएगा। नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह ने पार्किंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने की बात कही। नगर आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह ने मुख्य सचिव को जानकारी दी है कि केडी सिंह स्टेडियम के पास पार्किंग की जमीन खाली है। निगम की स्थिति इन दिनों ठीक नहीं है, ऐसे में वह पार्किंग नहीं बना पाएगा। शासन से बजट मिलने के बाद ही पार्किंग बनाई जाएगी। जल्दी ही शासन भूमिगत पार्किंग पर निर्णय लेगा।
