Ajay Rai : लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन से यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय गदगद हैं। वाराणसी में उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बार अच्छी टक्कर दी। 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी की जीत का अंतर जहां 4.29 लाख था लेकिन वह इस बार घटकर 1.52 लाख वोटों का रह गया। यूपी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के बाद उन्होंने कई सियासी मुद्दों पर हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ खास बातचीत की है। इस बातचीत में राय ने कहा कि इस चुनाव में लोगों ने ध्रुवीकरण की कोशिशों को खारिज कर दिया और देश के लिए वोट किया।
वाराणसी से कांग्रेस उम्मीदवार थे अजय राय।
चुनाव ने संकते दिया पीएम मोदी अपराजेय नहीं-राय
लोकसभा चुनाव परिणाम क्या संकेत दे रहे हैं, इस सवाल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस चुनाव का सबसे बड़ा संदेश यही है कि यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी अपराजेय नहीं हैं, उन्हें हराया जा सकता है। चुनाव नतीजों ने बताया है कि जो लोग लोगों के हितों एवं उनके कल्याण के लिए काम नहीं करेंगे, जनता उन्हें सबक सिखाएगी। इस बार जनता ने नफरत फैलाने और ध्रुवीकरण की भाजपा की कोशिशों को नकार दिया। लोगों ने इस बार देश के लिए वोट किया।
'हम और सीटें जीत सकते थे'
देश के सबसे बड़े सूबे में कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन पर राय ने कहा कि 17 में से छह सीटें जीतने अच्छा स्ट्राइक रेट है लेकिन हम और सीटें जीत सकते थे। हमें कई सीटों पर हराया गया। इनमें से बांसगांव की सीट भी शामिल है। इस सीट पर हमारा उम्मीदवार 3,150 वोटों के अंतर से हारा। इसी तरह देवरिया, महराजगंज, कानपुर, अमरोहा में हमारे उम्मीदवार कई राउंड में आगे रहे लेकिन अंतिम राउंड में भाजपा के उम्मीदवारों ने बढ़त ले ली। इन सीटों पर अगर निष्पक्ष काउंटिंग हुई होती तो कांग्रेस के सीटों की संख्या 10 के करीब होती। फिर भी हमें सीटें मिली हैं। 2019 के बाद हमने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जो परिश्रम किया उसका नतीजा ठीक आया है।
संविधान से लोगों का वजूद-अजय राय
अजय राय ने आगे कहा कि इस चुनाव में संविधान बचाने के लिए लोग आगे आए। एससी, एसटी, दलित, मुस्लिम, ओबीसी, महिलाएं एवं युवा ने आरक्षण बचाने की हमारी मुहिम का समर्थन किया। भारतीय लोगों का वजूद संविधान से है। लोगों में डर था कि मोदी सरकार संविधान बदल देगी और चुनाव के दौरान भाजपा के नेताओं ने आरक्षण को लेकर जिस तरह के बयान दिए, उससे यह आशंका और बलवती हुई। इंडिया ब्लॉक और राहुल गांधी ने लोगों में एक उम्मीद जगाई और लोगों का विश्वास चुनाव नतीजों में उभरकर सामने आया।
राय का दावा-घरों से बाहर नहीं निकले भाजपा कार्यकर्ता
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस चुनाव में सभी वर्गों एवं जातियों का हमें वोट मिला। वाराणसी में सोनकर समाज जो भाजपा का कोर वोटर कहा जाता है, उसने उनके लिए वोट किया। कई निर्वाचन क्षेत्रों में पासी और कुर्मी का वोट मुझे मिला। भाजपा की खराब नीतियों से देश की अर्थव्यवस्था को नुक्सान हुआ है। अपनी नीतियां ठीक करने के बजाय भाजपा ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। यूपी में भाजपा का हार की वजह बताते हुए राय ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता घरों से बाहर नहीं निकले क्योंकि वे लोगों का सामना नहीं करना चाहते थे। राय ने कहा, 'मुझे लगता है कि नेतृत्व की नाकामी से भाजपा के कार्यकर्ता निराश हैं। इन्होंने जो वादे किए उसे पूरा नहीं किया। युवाओं को नौकरियां नहीं मिलीं। लोगों की समस्याएं जस की तस हैं। वाराणसी में कार्यकर्ताओं को हाशिए पर डाल दिया गया।'
