जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ बोल अखिलेश ने लिया जाटों से पंगा? 2027 से पहले गले पड़ी बड़ी मुसीबत

UP Assembly Election 2027: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने हाल ही में 'चवन्नी' वाली टिप्पणी की थी। इस पर राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख जयंत चौधरी ने अब तीखा पलटवार किया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अभी दूर है, 4 से 5 महीने का समय बाकी है। सीटों का बंटवारा अभी नहीं हुआ है, गठबंधन तय नहीं हुए हैं, लेकिन सियासी बयानबाजी ने चुनावी माहौल गरमाना शुरू कर दिया है। नेताओं के बीच शब्दों के बाण चल रहे हैं और हर बयान के पीछे एक चुनावी गणित साफ दिखाई दे रहा है। ताजा मामला समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल यानी RLD प्रमुख जयंत चौधरी के बीच जुबानी जंग का है। अखिलेश यादव ने एक बयान दिया, जिस पर जयंत चौधरी ने पलटवार किया। भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी को जाट और किसान विरोधी बताया, बहुजन समाज पार्टी ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। क्या है ये बयान, पूरा मामला क्या है और इस मामले के राजनीतिक मायने क्या हैं? और क्या इस तरह के बयान से अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने सेल्फ गोल कर लिया है?

जयंत चौधरी पर अखिलेश यादव के बयान से गरमाई राजनीति

जयंत चौधरी पर अखिलेश यादव के बयान से गरमाई राजनीति

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाट समुदाय एक बेहद प्रभावशाली और निर्णायक ताकत है। कुल आबादी का लगभग 2.5% हिस्सा होने के बावजूद, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 'जाटलैंड' में इनकी आबादी करीब 14% है और यह क्षेत्र की लगभग 30 से 40 विधानसभा सीटों पर सीधा असर डालते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने इस समाज को देश की सियासत और किसान आंदोलन की धुरी बनाया। उनके समय से ही जाट मतदाता ग्रामीण और किसान समीकरणों के केंद्र में रहे हैं। उनके बाद चौधरी अजित सिंह और भारतीय किसान यूनियन के नेता महेंद्र सिंह टिकैत ने इस विरासत को आगे बढ़ाया।

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