'अकेले' पड़े अखिलेश, कौन दिखाएगा आगे की राह? नेताजी के निधन के अगले रोज बोले- पहली बार लगा…बिन सूरज हुआ सवेरा

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  • Updated Oct 12, 2022, 02:17 PM IST

समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव का सोमवार (10 अक्टूबर, 2022) को दिल्ली से सटे गुरुग्राम (हरियाणा) के मेदांता अस्पताल में निधन हुआ। वह 82 साल के थे। उनके पार्थिव शरीर को सोमवार शाम सैफई लाकर उनकी ‘कोठी’ में रखा गया, जहां हजारों लोग ‘नेता जी’ को अंतिम विदा देने पहुंचे। यादव अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच ‘नेताजी’ के नाम से मशहूर थे।

समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पिता की कमी खूब खल रही है। मुलायम सिंह यादव के निधन के अगले रोज बुधवार (12 अक्टूबर, 2022) को वह बेहद भावुक हो गए। उन्होंने इस बात का संकेत अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिया और बताया कि उन्हें पिता की गैर-मौजूदगी में पहली बार कैसा लगा। ट्वीट में पिता के अंतिम संस्कार से जुड़ी दो तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "आज पहली बार लगा…बिन सूरज के सवेरा उगा।"

akhilesh yadav

SP के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का 11 अक्टूबर, 2022 को UP के Safai में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। बड़े बेटे Akhilesh Yadav ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी।

नेताजी के पूरे परिवार में उनके भाई अभय राम सिंह, राजपाल सिंह, शिवपाल सिंह और रामगोपाल यादव हैं। भतीजों में धर्मेंद्र यादव, कार्तिकेय यादव, अंकुर यादव, अंशुल यादव, प्रतीक यादव पुत्र, तेज प्रताप सिंह आदि हैं। समझा जा सकता है कि सिर से पिता का हाथ उठने के बाद अखिलेश अंदर से पूरी तरह टूट गए होंगे। ऐसे में सियासी गलियारों में सवाल उठने लगा है कि अब उन्हें आगे कौन राह दिखाएगा? बेशक मुलायम सक्रिय तौर पर उन्हें रास्ता न दिखा पाते, मगर बड़े मसलों में, मनोबल के मोर्चे पर और एक सहारे के नाते अहम भूमिका में थे।

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