Unnao Cape Case: सुप्रीम कोर्ट में उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील पर फैसला सुनाते हुए कुलदीप सेंगर को नोटिस भी जारी किया है, जिसपर 4 हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा गया है।
उन्नाव रेप केस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन बेंच ने सेंगर को नोटिस जारी करते हुए सीबीआई की याचिका पर जवाब मांगा। सीबीआई ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील की थी।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताते हुए कहा कि मामला गंभीर है और इसमें कई महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाना आवश्यक है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि हाई कोर्ट के 23 दिसंबर के आदेश के बावजूद सेंगर को फिलहाल रिहा नहीं किया जाएगा। सुनवाई अब चार सप्ताह बाद होगी।
उन्नाव रेप पीड़िता के वकील ने क्या कहा
पीड़ित पक्ष के वकील हेमंत कुमार मौर्य ने कहा, "मैं आज सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं। पीड़िता भी अपनी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों को एक सख़्त आदेश जारी किया है कि आरोपी को किसी भी हालत में जेल से रिहा नहीं किया जाएगा, और राहत देने वाले आदेश पर रोक लगा दी गई है। विपक्ष को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया गया है, और तब तक, उसे किसी भी हालत में जेल से रिहा नहीं किया जाएगा। यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, और हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी गई है।"
हाई कोर्ट का क्या था फैसला?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित करते हुए कहा था कि वह पहले ही 7 साल 5 महीने जेल में बिता चुका है, और उसकी अपील लंबित रहने तक सजा स्थगित की जा सकती है। सेंगर ने 2019 में निचली अदालत के दोषसिद्धि और सजा संबंधी फैसले को चुनौती दी हुई है।
