UP Kanwar Yatra: यूपी में कांवड़ मार्ग पर नेम प्लेट विवाद में अब केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी कूद पड़े हैं और उन्होंने बड़ा बयान दिया है। जयंत चौधरी ने कहा कि यह कोई सोच-समझ कर लिया गया और तर्कपूर्ण फैसला नहीं लगता। किसी भी फैसले से समुदाय की भलाई और समुदाय में सद्भाव को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा पर जाने वाले और उनकी सेवा करने वाले सभी लोग एक जैसे हैं। यह परंपरा शुरू से चली आ रही है और किसी ने नहीं देखा कि उनकी सेवा कौन कर रहा है। लोगों की पहचान करना और उन्हें इशारा करना, यह बात मुझे समझ में नहीं आई।
जयंत चौधरी/फाइल फोटो।
जयंत चौधरी ने योगी सरकार से किया सवाल
जयंत चौधरी ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ ले जाने वाले या सेवादार की कोई पहचान नहीं होती है। लोग धर्म या जाति की पहचान करके कोई सेवा नहीं लेते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले को धर्म और जाति से भी नहीं जोड़ा जाना चाहिए। सवालिया लहजे में पूछा कि सब अपनी दुकानों पर नाम लिख रहे हैं, तो मैकडॉनल्ड और बर्गर किंग किसका नाम लिखेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सोच समझकर फैसला नहीं लिया है, अभी भी समय है इसे वापस हो जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुसलमान वेजिटेरियन है और हिन्दू नॉनवेज खाने वाले भी है। कहां-कहां नाम लिखवाएंगे।
क्या है कांवड़ यात्रा को लेकर आदेश?
आपको बता दें कि बीते दिनों मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा पर खाद्य पदार्थों की दुकानों के लिए एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकान के मालिकों को अपनी दुकान पर मालिक का नाम लिखना होगा। इसके पीछे तर्क दिया गया कि दुकान पर दुकानदार का नाम स्पष्ट लिखा होने से असमंजस की स्थिति नहीं होगी। पुलिस ने जैसे ही इस आदेश को जारी किया, इस पर बयान आने शुरू हो गए। यह मुद्दा देश की राजनीति में गर्म है।
