Bhupender Yadav speaks about Nature Protection: प्रकृति का क्षरण तेजी से न हो और इस पर रोक लगाने एवं इसके संरक्षण के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपिंदर यादव ने 'बेपरवाह उपभोग' की मानसिकता का त्याग करते हुए इसके 'विवेकपूर्ण उपभोग' पर जोर दिया है। साथ ही केंद्रीय मंत्री ने जलवायु परिवर्तन की बढ़ती गंभीर दशाओं का हल निकालने के लिए पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाने की जरूरत बताई। प्रकृति के संरक्षण से जुड़ी ये बातें केंद्रीय मंत्री ने शुक्रवार को टाइम्स नाउ क्लाइमेंट समिट 2024 में कहीं।
टाइम्स नाउ क्लाइमेंट समिट 2024 में केंद्रीय मंत्री भूपिंदर यादव।
व्यक्तिगत स्तर पर बड़ा अंतर ला सकते हैं लोग-मंत्री
मंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर काम करते हुए लोग प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक बड़ा अंतर ला सकते हैं, इसके लिए पर्यावरण के प्रति उन्हें थोड़ी जागरूकता एवं संवेदनशीलता रखने की जरूरत है। यादव ने कहा, 'हम व्यक्तिगत स्तर पर ऐसा क्या कर सकते हैं जिससे हमारे पर्यावरण में एक सकारात्मक बदलाव आए और प्रकृति का बेपरवाह उपभोग पर अंकुश लगे, इसके बारे में हमें सोचना चाहिए।' केंद्रीय मंत्री जोर देकर कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भी एक विजन है जो कि प्रकृति का संरक्षण करने के लिए लोगों को जागरूक करता है।'कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी निभाएं'
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पौधारोपण करना चाहिए। अगर कोई ऐसा करता है तो 'मदर नेचर' को यह एक उपहार होगा। केंद्रीय मंत्री ने इस दिशा में पीएम मोदी के व्यक्तिगत पहल 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम का उल्लेख किया। मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का स्वभाव 'पूरी तरह से प्रकृति पर आधारित है।' पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए यादव ने कहा, 'हम तय लक्ष्य से 11 वर्ष आगे निकल चुके हैं।'
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पर्यावरण के ज्वलंत मुद्दों का समाधान खोजना समिट का लक्ष्य
टाइम्स नेटवर्क इंडिया क्लाइमेंट समिट का उद्देश्य मानव सभ्यता के लिए खतरा बने जलवायु परिवर्तन के जटिल एवं ज्वलंत मुद्दों का समाधान खोजना है। चूंकि दुनिया की औसत गर्मी के मुकाबले भारत में ज्यादा तापमान, हीट वेव, खाद्यान्न में गिरावट, ज्यादा समय तक गर्मी और बड़े पैमाने पर विस्थापन देखा गया है। ऐसे में इस समिट में इन चुनौतियों की तरफ तत्काल ध्यान देने पर जोर दिया गया। देश की सतत विकास की भावना को आगे बढ़ाने वाले इस समिट का लक्ष्य एक साझा एजेंडे के तहत निर्णायक कार्रवाई के लिए हितधारकों को एकजुट करना है।
