Dharmendra Pradhan Resigns: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पत्र लिखकर स्वीकार किया कि वो 10 दिनों से दुखी थे। उन्होंने कहा कि वो छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद जंतर-मंतर में जश्न का माहौल है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए। दीपके (Abhijeet Dipke) ने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र है। हमें डरना नहीं है। क्या कहते थे ये लोग, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। हम कहना चाहते हैं कि झुकती है दुनिया दिखाने वाला चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल। ANI
उन्होंने आगे कहा कि जिन बच्चों ने सुसाइड किया है उन परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा। दूसरा, ये जो पुलिस वाले गुंडों ने हरकत की थी पुलिस पर एक्शन होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कॉकरोच से पंगा नहीं लेना का। अभी तो अभी सिर्फ एक का इस्तीफा। अभी कई पुलिसकर्मी भी इस्तीफा देंगे। यह भारत के संविधान की जीत है। यह भारत की जनता की जीत है।
उन्होंने आगे कहा,"मैं एक बहुत महत्वपूर्ण बात कहना चाहता हूं। आज धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से मुझे हीरो मत बनाइए। यह गलती मत कीजिए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से मुझे हीरो मत बनाइए। एक व्यक्ति को हीरो बनाने से पूरा देश बर्बाद हो गया है।"
हमारी तीनों मांगें पूरी करो तभी जाएंगे: अभिजीत दीपके
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, "डरने की कोई जरूरत नहीं है। यह लोकतंत्र है। उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी दो और मांगें हैं। हम ऐसे ही नहीं जाएंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। उन्हें यह मिलना ही चाहिए। उन सभी परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा। और दूसरा, 20 तारीख को जिन पुलिसकर्मियों ने यह हरकत की, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। याद रखें, कॉकरोच से पंगा मत लो।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देते हुए क्या-क्या कहा?
वहीं, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन चल रहा था। छात्रों की सबसे बड़ी मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही था, जिसे कांग्रेस समेत लगभग सभी विपक्षी पार्टी जबरदस्त तरीके से सपोर्ट कर रही थी।
शनिवार को युवाओं को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की। जंतर-मंतर की स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें फायदा न उठाएं, छात्रों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझें, इसलिए वो इस्तीफा दे रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक इसका ऐलान किया और इस्तीफा देने की वजह भी बताई.हिए। अपने चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया और अगले साल से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा की गई।"
