शुक्रवार को राज्यसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) पर एक प्राइवेट मेंबर बिल (Private Member Bill ) पेश किया गया। इस बिल को लेकर विपक्ष ने राज्यसभा में जमकर हंगामा किया, हालांकि इस हंगामे का कोई असर नहीं हुआ और बिल को पेश कर दिया गया।
किसने किया पेश
'भारत में समान नागरिक संहिता विधेयक, 2020' को भाजपा के एक सांसद ने प्राइवेट मेंबर बिल के तौर पर राज्यसभा में लाया है। शुक्रवार को लंच के बाद राज्यसभा में गैर सरकारी कामकाज शुरू होने पर सबसे पहले भाजपा के किरोड़ीमल मीणा ने भारत में एकसमान नागरिक संहिता विधेयक, 2020 पेश किया।
विपक्ष ने किया जोरदार विरोध
इस विधेयक के आते ही कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम) और तृणमूल कांग्रेस के विपक्षी सांसदों ने विधेयक की प्रस्तुति की निंदा करते हुए दावा किया कि यह देश के सामाजिक ताने-बाने और विविधता में एकता को नष्ट कर देगा। उन्होंने सभापति जगदीप धनखड़ से इसे पेश करने की अनुमति नहीं देने की अपील की।
मत विभाजन में मिली जीत
जब हंगामा बढ़ा और भाजपा सांसद ने जब इस बिल को वापस लेने की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया, तब सभापति धनखड़ ने विपक्ष की मांग पर इस बिल को लेकर मतविभाजन करवाया। मतविभाजन में भाजपा सांसद का प्रस्ताव जीत गया। मत विभाजन में सदन ने 23 के मुकाबले 63 मतों से इस विधेयक को पेश करने की अनुमति प्रदान कर दी।
बीजेपी का है वादा
बता दें कि भाजपा हमेशा से इस विधेयक के पक्ष में रही है। 2019 में बीजेपी ने इसे अपने घोषणापत्र में भी शामिल किया था। गुजरात चुनाव और हिमाचल चुनाव के दौरान भी बीजेपी के नेता इसपर वादे करते दिखे थे।
एजेंसी इनपुट के साथ
