राजनीति के कच्चे खिलाड़ी निकले उद्धव ठाकरे, पांच प्वाइंट्स में समझें

  • Authored by: ललित राय
  • Updated May 11, 2023, 01:55 PM IST

Uddhav Thackeray News: फैसले लेने में गलती कम पढ़े लिखे ही नहीं करते। बड़े बड़े लोगों से भी गलतियां हो जाती है। अगर 29 जून 2022 को फ्लोर टेस्ट का सामना करने से पहले उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा नहीं दिया होता तो शायद वे दोबारा से महाराष्ट्र के सीएम बने होते।

Uddhav Thackeray News: शिवसेना के 16 विधायकों को अयोग्य ठहराने का मामला अब बड़ी बेंच देखेगा। लेकिन पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने कई तल्ख टिप्पणी करते हुए राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए। पीठ ने कहा कि पार्टी के अंदरूनी मामले में राज्यपाल को नहीं पड़ना चाहिए। उनके द्वारा फ्लोर टेस्ट कराए जाने का फैसला भी संविधान सम्मत नहीं था। लेकिन इसके साथ ही चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे इस्तीफा नहीं दिए होते तो उन्हें राहत मिल सकती थी। इसका अर्थ यह हुआ कि वो सीएम बने रह सकते थे। पीठ ने कहा कि अब वो इस्तीफा दे चुके हैं लिहाजा इस्तीफे को खारिज नहीं कर सकते। इसके साथ यह भी कहा कि यथास्थिति बहाल नहीं कर सकते। इसका अर्थछ यह हुआ कि उद्धव ठाकरे अब तभी सीएम बन सकते हैं जब वो दोबारा जीत कर विधानसभा में पहुंचे।

Udhav thakckeray, Supreme Court

उद्धव ठाकरे के इस्तीफे पर सुप्रीम टिप्पणी

पांच बड़ी वजह

  • उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा देकर गलती की।
  • फ्लोर टेस्ट का उन्हें सामना करना चाहिए था।
  • विधायकों के अयोग्यता फैसला स्पीकर के हाथ में
  • उद्धव के सलाहकार कमजोर निकले
  • राज्यपाल के फैसले को चुनौती दे सकते थे।

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