शिवसेना (यूबीटी) ने आज अपनी 60वीं वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर मुंबई में शिवसेना ने एक भव्य समारोह का भी आयोजन किया। इस समारोह में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भावुक अंदाज में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का उन पर भरोसा नहीं है तो वह शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख का पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। उनका ये बयान तब आया है जब महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों की बगावत पर चर्चाएं तेज हैं, साथ ही इस बात की भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवसेना कांग्रेस में विलय कर सकती है।
उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने यहां बोलते हुए कहा कि आज कई लोगों ने सोचा कि हमारा स्थापना दिवस दुखद होगा, शिवसैनिक निराश दिखेंगे लेकिन इसके बजाय हमें शिवसैनिकों में आग दिख रही है। हमारे 4 सांसदों के साथ हमारे 20 MLA और कॉर्पोरेटर हैं। चाहें हमारे रास्ते में कितनी भी मुश्किलें आएं, हम मज़बूत रहेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 60 सालों में शिवसैनिकों ने इस दिन के लिए खून बहाया है, हमारे वजूद के लिए लड़ाई लड़ी है।
छोड़ दूंगा पार्टी अध्यक्ष का पद
60वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, "अगर पार्टी में किसी और को अध्यक्ष बनाना है तो मुझे खुशी होगी, लेकिन मैं शिवसेना को चोरों के हाथों में नहीं जाने दूंगा।"
उद्धव ने यहां बोलते हुए आगे कहा कि वह पिछले एक दशक से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं और लगातार राजनीतिक हमलों का सामना करने के बावजूद उनका संकल्प कमजोर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि मैं हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं, लेकिन मैं नहीं चाहता कि कोई शिवसैनिक मुझ पर उंगली उठाए। उन्होंने 2022 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और 2026 में विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने के फैसले का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी और सिद्धांतों को प्राथमिकता दी है।
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कांग्रेस में विलय के दावों पर क्या बोले उद्धव?
अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के छह बागी सांसदों के उस दावे को भी खारिज किया कि शिवसेना (यूबीटी) कांग्रेस में विलय कर सकती है। कांग्रेस के साथ मर्जर को लेकर उन्होंने कहा कि हम सत्ता के लिए पैदा नहीं हुए हैं, 60 सालों में इमरजेंसी भी लगी थी। तब रजनी पटेल ने शिवसेना को खत्म करने का प्लान बनाया था, हमसे कांग्रेस में मर्ज होने को कहा था, जब 30 साल तक गठबंधन में रहने के बावजूद हमने भाजपा में विलय नहीं किया, तो कांग्रेस में विलय कैसे करेंगे? मुझे तो डर है कि महाराष्ट्र भाजपा कहीं शिंदे सेना में ही विलय न हो जाए।कांग्रेस में मर्ज होने के दावे पर उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि शिवसेना कांग्रेस में मर्ज होने के लिए नहीं बनी है, बल्कि महाराष्ट्र के लिए मराठी की लड़ाई के लिए बनी है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी ज़िंदगी में ज़्यादातर कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, हमने यह BJP के लिए किया, बाबरी गिराए जाने के बाद ये BJP वाले भाग गए थे, छिप गए थे, यह बालासाहेब ठाकरे थे जो मज़बूती से खड़े थे, उन्होंने CBI और कोर्ट का सामना किया।
कांग्रेस भाजपा से ज्यादा भरोसेमंद
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस भी हमारे लोगों को ले गई लेकिन कांग्रेस ने उन्हें कभी मुख्यमंत्री नहीं बनाया। BJP की तरह हमें कभी परेशान नहीं किया। आज BJP शिवसेना को जड़ से खत्म करने की कोशिश कर रही है, कांग्रेस ज़्यादा भरोसेमंद है, वे अपनी बात पर ज़्यादा अड़े रहते हैं, जितना आप अपने हिंदुत्व पर अड़े रहते हैं।
विपक्षियों को भी दिया जवाब
अपने कामकाज के तरीके और कार्यकर्ताओं से दूरी के आरोपों पर उद्धव ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर मैं कार्यकर्ताओं से नहीं मिलता और पूरे महाराष्ट्र का दौरा नहीं करता, तो फिर चुनावों में ये सभी कैसे जीतकर आए? हर लोकसभा चुनाव में मैंने कम से कम 10 रैलियां की हैं, मैं इसका क्रेडिट नहीं लेता। मुझे पता है कि उद्धव ठाकरे की कोई वैल्यू नहीं है लेकिन उद्धव बालासाहेब ठाकरे की है।
'ऑपरेशन लोटस शुरू करने का समय आ गया है'
इस दौरान उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।ठाकरे ने कहा कि लोगों का डेमोक्रेसी से भरोसा उठने लगा है। इलेक्शन पर पैसा क्यों खर्च करें? हमें ऑपरेशन लोटस शुरू करना होगा, हमें इस पर काम करना होगा वरना हम सब कुछ खो देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा जीतने और पाने के लिए किसी भी लेवल पर जा रही है। लोगों को नॉमिनेशन भी फाइल नहीं करने दे रहे हैं। मुझे याद है जेपी नड्डा ने कहा था वन नेशन वन इलेक्शन, लेकिन वे वन पार्टी नो इलेक्शन की तरफ बढ़ रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि भाजपा भी हमारी प्यारी दोस्त थी, अगर आप इसी रास्ते पर चलते रहे तो आप इस पावर का मजा ज़्यादा दिन नहीं ले पाएंगे।लड़की बहिन योजना को लेकर साधा निशाना
उद्धव ने महाराष्ट्र सरकार की लड़की बहिन योजना को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले महिलाओं के नाम पर वोट लिए गए और चुनाव के बाद लाखों महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया।पश्चिम बंगाल में सेना के इस्तेमाल का आरोप
उन्होंने भाजपा पर पश्चिम बंगाल में सेना के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर इतनी ही हिम्मत है तो कश्मीर में सेना का इस्तेमाल करें, शिवसैनिक देश के साथ खड़े होंगे।
तेजस ठाकरे और परिवार पर भी बोले
अपने बेटे तेजस ठाकरे को निशाना बनाए जाने पर उद्धव ने कहा कि ठाकरे परिवार ने संघर्षों के बीच अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार को वर्षों तक अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, लेकिन वे कभी झुके नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके धैर्य की भी एक सीमा है।शिवसेना प्रमुख ने पार्टी को कभी कारोबार नहीं बनने दिया- सामना
इससे पहले, पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में छह सांसदों की हालिया बगावत का नाम लिए बिना कहा गया कि आज भी व्यावसायिक सोच से प्रेरित कई नकली संगठन खड़े किए जा रहे हैं, लेकिन शिवसेना की स्थापना कभी व्यापारिक सौदे के रूप में नहीं हुई। संपादकीय में कहा गया कि शिवसेना प्रमुख ने पार्टी को कभी कारोबार नहीं बनने दिया। इसलिए समय-समय पर अवसरवादी और सौदेबाजी करने वाले लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया, ताकि मराठी अस्मिता और हिंदुत्व की यह धारा शुद्ध बनी रहे, जिसकी गूंज आज भी महाराष्ट्र की घाटियों में सुनाई देती है।
संपादकीय में कहा गया कि शिवसेना ने मराठी समाज को स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया। लोगों में यह आत्मविश्वास जगाया कि वे कह सकें, "यह मुंबई हमारी है।" पार्टी ने आम लोगों को पार्षद बनाया और शाखाओं का ऐसा मजबूत नेटवर्क खड़ा किया, जो जनता के लिए पारिवारिक न्यायालय की तरह काम करता था। सड़क, पानी, स्कूल में प्रवेश, अस्पताल में सहायता और राशन कार्ड जैसी समस्याओं के समाधान के लिए शिवसैनिक दिन-रात लोगों की सेवा में जुटे रहते थे। अन्याय की किसी भी घटना पर सबसे पहले शिवसैनिक ही मौके पर पहुंचते थे।
