चुनाव आयोग पर भड़के उद्धव ठाकरे, पार्टी के नाम और चिह्न को लेकर कही ये बात

Uddhav Thackeray: उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को पत्थर करार दिया है। शिवसेना-यूबीटी के मुखपत्र 'सामना' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), चुनाव आयोग, केंद्र सरकार की नीतियों और महाराष्ट्र की वर्तमान स्थिति पर तीखी टिप्पणी की।

Shiv Sena: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को पत्थर करार दिया है। शिवसेना-यूबीटी के मुखपत्र 'सामना' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), चुनाव आयोग, केंद्र सरकार की नीतियों और महाराष्ट्र की वर्तमान स्थिति पर तीखी टिप्पणी की। उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'ठाकरे ब्रांड' को समाप्त करने की कोशिश हो रही है, लेकिन जनता ही उन प्रयासों को निष्फल करेगी। उद्धव ठाकरे ने इंटरव्यू में कहा कि चुनाव आयोग यानी 'पत्थर' है। उस पत्थर पर सिंदूर लगा देने मात्र से 'शिवसेना' नाम और धनुष-बाण चिह्न किसी और को देने का अधिकार उसे नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को हमेशा अशांत, अस्थिर और चिंतित बनाए रखना ही भाजपा की नीति है, लेकिन लोगों को हमेशा मूर्ख बनाकर नहीं रखा जा सकता। खुद सरसंघचालक ने भी संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी की 75 साल की उम्र पूरी हो रही है।

Uddhav Thackeray

चुनाव आयोग पत्थर, भाजपा मालिक', उद्धव ठाकरे का केंद्र पर तीखा वार

शिवसेना को खत्म कर ही नहीं सकते: उद्धव ठाकरे

शिवसेना के 'अस्तित्व' पर सवाल को लेकर उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे लोग (भाजपा) शिवसेना को खत्म कर ही नहीं सकते। वर्षों बीत गए, लेकिन आज भी वे जनता को मुझसे दूर नहीं कर सके। इसलिए आत्मसमर्पण कर मालिकों की पार्टी में विलीन हो जाना ही उनके (शिवसेना) पास आखिरी विकल्प है। उन्होंने कहा कि अगर मैं कल चुनाव आयुक्त का नाम बदलकर पत्थर रख दूं, तो चलेगा क्या? इस पत्थर को पक्ष का नाम बदलने का अधिकार नहीं है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अगर हमने कुछ उल्टा व्यवहार किया होता तो बात अलग थी, लेकिन अगर हमने संविधान के अनुसार कोई गलती नहीं की हो तो वे हमारा चिह्न भी नहीं छीन सकते। वोट प्रतिशत वगैरह जो भी है, वह सिर्फ चिह्न तक सीमित है। नाम किसी और को नहीं दे सकते।

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