शिवसेना (उद्धव ठाकरे समूह) सांसद संजय राउत ने शरद पवार के दावे का समर्थन करते हुए बड़ा खुलासा किया है। रविवार को वरिष्ठ नेता शरद पवार द्वारा हाल ही में उठाए गए विवादास्पद दावे का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले, दो अज्ञात व्यक्तियों ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी और 60–65 "मुश्किल सीटों" पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए जीत सुनिश्चित करने का वादा किया था। राउत ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी यही लोग ठाकरे से मिले थे। महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 30 पर महा विकास आघाडी (एमवीए) की जीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि, शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र में अपनी आस्था जताते हुए उनसे मिलने से इनकार कर दिया था।
उद्धव ठाकरे और संजय राउत (फाइल फोटो- PTI)
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पहले लोकसभा में किया था संपर्क
राउत ने मीडिया को संबोधित करते हुए दावा किया, "शरद पवार ने कहा कि कुछ लोग चुनाव से पहले उनसे मिले थे। उन्हीं लोगों ने लोकसभा चुनाव के दौरान उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात की थी। हमने उनसे कहा कि हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं और देश के माहौल को देखते हुए हम निश्चित रूप से लोकसभा चुनाव जीतेंगे।"
विधानसभा चुनाव में दोबारा आए
शिवसेना (उबाठा) नेता ने दावा किया कि उन्हीं लोगों ने कुछ महीने बाद हुए विधानसभा चुनावों से पहले ठाकरे से संपर्क किया था। राउत ने कहा, "हमने उनसे कहा कि विपक्ष को (लोकसभा चुनावों में) भारी सफलता मिली है और हम विधानसभा चुनावों में सत्ता में आएंगे। उन्होंने हमें 60-65 मुश्किल सीटें उन्हें देने को कहा और ईवीएम के जरिए जीत का वादा किया। हालांकि, ठाकरे ने कहा कि हमें ऐसा करने की जरूरत महसूस नहीं होती।" राउत ने कहा कि उन्होंने हमें साफ साफ कहा था कि भले ही हमें उनकी मदद की जरूरत न हो लेकिन सत्ता में बैठे लोगों ने ईवीएम और मतदाता सूची के माध्यम से एक योजना तैयार कर ली है। राउत ने कहा, "(उन्होंने हमसे कहा कि) वे (चुनावों में) हमारी संभावित विफलता के मद्देनजर हमारी मदद कर सकते हैं। लेकिन हमने हमेशा निर्वाचन आयोग और लोकतंत्र पर भरोसा किया। दुर्भाग्य से, जो लोग उद्धव और शरद से मिले, उनके दावे में सच्चाई हो सकती है।"
शरद पवार का दावा
पवार ने शनिवार को अपने दावों से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। पवार ने कहा था कि उन्होंने दोनों व्यक्तियों को विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलवाया था। राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा था, ‘‘मैंने उन्हें राहुल गांधी से मिलवाया। उन्होंने (गांधी) उन दोनों व्यक्तियों ने जो कुछ भी कहा, उसे नजरअंदाज कर दिया। उनका यह भी मानना था कि हमें (विपक्ष को) ऐसे मामलों में नहीं पड़ना चाहिए और सीधे जनता के पास जाना चाहिए।’’
पवार ने यह खुलासा ऐसे समय में किया है जब राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है।
