Bharat Bandh Today : देश भर के कई हिस्सों में आज भारत बंद का असर दिख रहा है। वाम दलों के ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए बंद के तहत देश भर के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल के जादवपुर में प्रदर्शनकारियों ने रेल ट्रैक बाधित किया है। तो ओडिशा के भुवनेश्वर में सीटू ने राजमार्ग को अवरुद्ध किया। बता दें कि केंद्र सरकार की कथित 'प्रो-कॉरपोरेट' नीतियों के खिलाफ 10 ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने इस भारत बंद का आह्वान किया है।
देश भर में ट्रेड यूनियनों का प्रदर्शन। तस्वीर-एएनआई
ओडिशा में खोरधा जिले के सीटू अध्यक्ष सुरेश राउत्रे ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा कि 'मोदी सरकार केवल अडानी और अंबानी को मदद दे रही है। वह श्रमिक वर्ग के लिए कुछ नहीं कर रही है। हम श्रमिकों के लिए प्रति महीने 9000 रुपए की मांग कर रहे हैं।'
जलपाईगुड़ी में कई जगहों पर जमा हुए बंद समर्थक
बुधवार सुबह से ही पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में भारत बंद को लेकर तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। बंद समर्थक शहर के प्रमुख स्थानों पर जमा हो गए। बस स्टैंड, पोस्ट ऑफिस और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बस सेवाओं को रोकने की कोशिश की, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बन गई।
माकपा कार्यकर्ताओं ने बस सेवा बंद कराई
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई (एम) की छात्र इकाई एसएफआई और युवा इकाई डीवाईएफआई के कार्यकर्ता शांतीपाड़ा स्थित नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन डिपो पर जुटे। यह जगह जलपाईगुड़ी से लंबी दूरी की बस सेवाओं के लिए प्रमुख केंद्र है। बंद को लेकर सीपीआई(एम) जलपाईगुड़ी जिला नेता प्रदीप डे ने कहा, "हमारे कार्यकर्ता अलग-अलग जगहों पर भारत बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे हैं। यह बंद लोगों की जायज मांगों के समर्थन में बुलाया गया है और हमें जनता से सपोर्ट मिल रहा है।"
आसनसोल में दिखा बंद का असर
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता, उससे सटे हावड़ा जिले के साथ-साथ आसनसोल में भी सुबह से ही भारत बंद का असर दिख रहा है। वाम दलों से जुड़े ट्रेन यूनियन भी इस बंद में शामिल है, जिन्होंने यहां जगह-जगह चक्का जाम किया। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की सदस्य अमरजीत कौर ने बताया कि किसान और ग्रामीण मजदूर भी इस बंद में साथ आएंगे। यूनियनों का कहना है कि यह हड़ताल सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बड़ा कदम है, जो मजदूरों और किसानों के हक छीन रही हैं।
भारत बंद से ये सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित
भारत बंद का असर कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। बंद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सहकारी बैंकों में चेक क्लीयरेंस, लोन प्रोसेसिंग, और ग्राहक सेवा में देरी हो सकती है। पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जहां यूनियनों का प्रभाव ज्यादा है, वहां सार्वजनिक बसें, ऑटो-रिक्शा, और ऐप-आधारित टैक्सी सेवाएं बाधित हो सकती हैं। डाक वितरण और अन्य डाक सेवाओं में देरी संभव है। इसके अलावा कोयला खनन, स्टील, और निर्माण जैसे क्षेत्रों में उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। भारतीय रेलवे ने आधिकारिक तौर पर हड़ताल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन कुछ स्टेशनों पर यूनियन के विरोध प्रदर्शनों के कारण ट्रेनों में देरी हो सकती है।
