दिल्ली में अब नई एक्साइज पॉलिसी की जगह पुरानी एक्साइज पॉलिसी अमल में है। लेकिन सियासत अपने चरम पर है। सोमवार को सीबीआई अपने दफ्तर में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से पूछताछ कर रही थी तो दिल्ली की सड़क पर राज्यसभा सांसद संजय सिंह के विरोध को हर किसी ने देखा। सीबीआई पूछताछ से पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह सब 8 दिसंबर तक चलेगा। सीधे तौर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश चुनाव का नाम नहीं लिया। लेकिन इशारा उधर ही था। इसके साथ ही पूछताछ खत्म होने के बाद मनीष सिसोदिया बोले कि सीबीआई ने बीजेपी की तरफ से सीएम पद का ऑफर दिया। लेकिन बीजेपी इस हद तक गंदी पार्टी है कि उसमें शामिल होने का मतलब अपनी आत्मा को मारना है।
बीजेपी पर भड़के दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया
मनीष सिसोदिया के तीखे बोल
भारतीय जनता पार्टी द्वारा सीबीआई और ईडी के दुरुपयोग की मात्रा सभी को पता है। उन्होंने पूरी सीबीआई और ईडी को राजनीतिक मशीन बना दिया है। यह किसी से छुपा नहीं है। अगर सीबीआई के अधिकारियों ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि ऑपरेशन लोटस किया गया था, तो लोग हैरान होंगे। लेकिन वास्तव में उनका ध्यान आबकारी नीति पर नहीं था, उसमें कोई भ्रष्टाचार नहीं था, कुछ नहीं मिला और कल की बातचीत में यह स्पष्ट हो गया। पूरी तरह से मनगढ़ंत कहानियां। मुझे कल बुलाने का मकसद यह था कि मैं किसी तरह से आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हो जाऊं।
बीजेपी का पलटवार
मनीष सिसोदिया जहां एक तरफ सीबीआई का नाम लेकर बीजेपी पर हमले कर रहे हैं तो बीजेपी ने कहा कि यह तो आप के नेताओं की आदत पड़ चुकी है जब उनकी कमियों से पर्दा उठता है तो वो जांच एजेंसियों को दोष देना शुरू कर देता। अब जबकि साफ हो चुका है कि एक्साइज पॉलिसी के निर्धारण में भ्रष्टाचार का खुला खेल हुआ और जांच एजेंसी ने जब शिकंजा कसना शुरू किया तो ऑपरेशन लोटस नजर आने लगा। दरअसल आप के नेता सहानुभूति के भूखे हैं जिसे जनता अच्छी तरह समझती है।
