मेरे पर कोई दबाव नहीं है, ना मैं किसी पर दबाव डालता हूं, ना दबाव में आता हूं- उपराष्ट्रपति

राष्ट्रीय भावना को दलगत राजनीति से ऊपर बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब हम देश के बाहर जाते हैं तो ना पक्ष होता है न प्रतिपक्ष होता है, हमारे सामने भारतवर्ष होता है और यह अब दिखा दिया गया।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के ‘संवैधानिक पदों पर दबाव' वाले बयान पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मैं न दबाव में रहता हूं, न दबाव देता हूं, न दबाव में काम करता हूं, न दबाव में किसी से काम कराता हूं।

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जयपुर में स्नेह मिलन समारोह में उपराष्ट्रपति ने जनसभा को संबोधित किया

जयपुर में ‘स्नेह मिलन समारोह’ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धनखड़ कहा कि “मुझे थोड़ी सी चिंता हुई, मेरे स्वास्थ्य की नहीं मेरे मित्र पूर्व मुख्यमंत्री की जिन्होंने कहा कि हम दबाव में हैं। राजस्थान की राजनीति में वह मेरे सबसे पुराने मित्र हैं और मेरे बड़े भारी शुभचिंतक भी हैं। मैं सार्वजनिक रूप से, क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है वो चिंतामुक्त हो जाएं- मैं न दबाव में रहता हूं, ना दबाव देता हूं, न दबाव में काम करता हूं, न दबाव में किसी से काम कराता हूं।”

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