Tezpur University: असम की तेजपुर यूनिवर्सिटी पिछले काफी समय से चर्चा में बनी हुई है। छात्र, प्रोफेसर और कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। छात्रों ने वाइस चांसलर पर प्रशासनिक लापरवाही, वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता के आरोप लगाए हैं।
तेजपुर यूनिवर्सिटी (फोटो साभार: https://www.facebook.com/TezpurUniversity/)
वाइस चांसलर पर गिरी गाज
तेजपुर यूनिवर्सिटी में जारी बवाल के बीच वाइस चांसलर को छुट्टी पर भेज दिया गया है। शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने वाइस चांसलर के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित की गई है। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''तेजपुर यूनिवर्सिटी में मौजूदा हालात और वाइस चांसलर पर लगाए गए आरोपों सहित सभी पहलुओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। जांच पूरी होने तक वाइस चांसलर सभी दायित्वों से खुद को अलग करेंगे और छुट्टी पर रहेंगे।''
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जांच समिति को अधिकतम तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी गुवाहाटी के डिजाइन विभाग से जुड़े अमरेंद्र कुमार दास को तेजपुर यूनिवर्सिटी का प्रो-वाइस चांसलर नियुक्त किया है।
कब से चल रहा विरोध प्रदर्शन?
तेजपुर यूनिवर्सिटी में बीते सितंबर से वाइस चांसलर पर कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहा है। छात्रों ने वाइस चांसलर शंभु नाथ सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाइस चांसलर और उनके प्रशासन ने गायक जुबीन गर्ग के प्रति सम्मान नहीं दिखाया, जबकि राज्य उनके निधन पर शोक मना रहा था।
प्रदर्शनकारियों ने वाइस चांसलर के खिलाफ चल रहे आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर सोमवार को 24 घंटे की भूख हड़ताल भी की। हालांकि, इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। सनद रहे कि 22 सितंबर को छात्रों के साथ हुई तीखी बहस और तनावपूर्ण हालात के बाद वाइस चांसलर ने कैंपस आना बंद कर दिया था। प्रदर्शन शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 11 फैकल्टी सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी अपना पद या यूनिवर्सिटी छोड़ चुके हैं।
