Telangana Tunnel Collapse:तेलंगाना सुरंग हादसा, फंसे लोगों को बचाने की क्यों टूट रही आस? 40 मीटर दूरी बनी 'दीवार'

Telangana Tunnel Collapse: मंत्री कृष्ण राव ने कहा कि कई मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है। राव के अनुसार, सुरंग खोदने वाली मशीन (टीबीएम) का वजन कुछ सौ टन है, लेकिन सुरंग ढहने के बाद और पानी के तेज बहाव के कारण मशीन लगभग 200 मीटर तक बह गई। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति और पानी निकालने का काम लगातार किया जा रहा है।

Telangana Tunnel Collapse: नगरकुरनूल जिले में सुरंग में फंसे आठ मजदूरों के बचने की उम्मीद धूमिल होती जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य का देख-रेख करने वाले मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव ने कहा है कि सुरंग में फंसे आठ मजदूरों के जीवित होने की संभावना बहुत कम है। हालांक, मजदूरों तक पहुंचने के लिए प्रशासन पूरी ताकत लगा रहा है। नगरकुरनूल के जिला अधिकारी बी संतोष ने सोमवार को कहा कि सेना और एनडीआरएफ अतिरिक्त प्रयास कर रही हैं। सुरंग में 40 मीटर तक और पहुंच बनाने के लिए मशीनें लगाई जा रही हैं। बता दें कि शनिवार की रात सुरंग की छत गिर जाने से उसके अंदर ये मजदूर फंस गए।

tunnel accident

सुरंग में फंसे हैं 8 मजदूर।

उन्होंने यह भी बताया कि 2023 में उत्तराखंड में ‘सिल्कयारा बेंड-बरकोट’ सुरंग में फंसे निर्माण श्रमिकों को बचाने वाले ‘रैट माइनर्स’ (हाथ से पर्वतीय क्षेत्रों की खुदाई करने में महारत रखने वाले व्यक्ति) की एक टीम लोगों को निकालने के लिए बचाव दल में शामिल हो गई है। मंत्री ने कहा कि फंसे हुए लोगों को बचाने में कम से कम तीन से चार दिन लगेंगे, क्योंकि दुर्घटना स्थल कीचड़ और मलबे से भरा हुआ है जिससे बचाव दल के लिए यह एक मुश्किल काम बन गया है।

End of Feed