Imphal Protest: मणिपुर के इंफाल में ट्रोंगलाओबी मामले को लेकर पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करते हुए बुधवार को एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। इंफाल पूर्व में कोंगबा धोबी लम्पक से शुरू हुई रैली वांगखेई योंगलन लीराक की ओर बढ़ी, जिसमें घाटी के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया, लेकिन देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई।
दागे गए आंसू गैस के गोले
इस दौरान, पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को काबू में लाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आंसू गैस दागे जाने के बाद मौके से धुआं उठते हुए देखा जा सकता है और प्रदर्शनकारी रास्ते को पत्थरों से बंद करने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
इंफाल में हुआ विरोध प्रदर्शन 7 अप्रैल की ट्रोंगलाओबी घटना के बाद हुआ, जिसमें दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां घायल हो गई। दरअसल, ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई इलाके में संदिग्ध उग्रवादियों ने आधी रात को एक मैतेई परिवार के घर पर बम फेंका था। इस हमले में नाबालिग भाई-बहन की मौत हो गई। जिसको लेकर प्रदर्शनकारी लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
Meira Paibi Lup संगठन ने तत्काल कार्रवाई की मांग को तेज करते हुए 25 अप्रैल तक आरोपियों की गिरफ्तारी की समयसीमा तय की। संगठन के आह्वान पर पूरे राज्य में बंद का असर देखने को मिल रहा है। इस बीच, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर झड़पें होने के बाद हालात पर काबू पाने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया।
इससे पहले, रविवार को सुरक्षाबलों ने काकचिंग में एक बड़ी 'मीरा टॉर्च रैली' को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे थे। उस वक्त देखते ही देखते हालात काबू के बाहर चले गए। पुलिस ने बताया था कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंककर और गुलेल का इस्तेमाल करके जवाबी कार्रवाई की।
