Tarang Shakti 2026: भारतीय वायु सेना (IAF) का सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' इन दिनों राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर पूरी शान के साथ चल रहा है। 26 सितंबर से शुरू हुआ यह युद्धाभ्यास 12 अक्टूबर तक चलेगा, जिसकी इस बार थीम 'पावर इन पार्टनरशिप' (Power in Partnership) रखी गई है। इस महाअभ्यास में दुनिया भर के बेहतरीन एविएटर्स और रक्षा पेशेवर हिस्सा ले रहे हैं।
तरंग शक्ति 2026 का रोमांच चरम पर
एएनआई के मुताबिक सारंग डिस्प्ले टीम के सदस्य स्क्वाड्रन लीडर गौतम त्यागी ने बताया कि इस वैश्विक मंच पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पायलटों के साथ आसमान साझा करना उनके लिए बेहद गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विचारों का आदान-प्रदान करना, आपसी विश्वास मजबूत करना और विभिन्न देशों के बीच बेहतर तालमेल यानी इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, इसका मकसद देश की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को दुनिया के सामने गर्व से प्रस्तुत करना भी है।
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2003 में हुआ था टीम का गठन
सारंग टीम के कमांडिंग ऑफिसर और टीम लीडर ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने कहा कि वे भारतीय वायु सेना के 'ब्रांड एंबेसडर' के तौर पर काम करते हैं। वे देश-विदेश में एयर शो के जरिए भारतीय वायु सेना के पेशेवर रवैये और एविएशन सेक्टर में भारत की जबरदस्त प्रगति को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि इस टीम का गठन साल 2003 में तब किया गया था जब भारतीय वायु सेना में स्वदेशी रूप से निर्मित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) शामिल किए जा रहे थे।
क्षमता परखने के लिए शुरू में बनाई गई थी इवैल्यूएशन फ्लाइट
शुरुआत में इन हेलीकॉप्टरों की क्षमता परखने के लिए एक इवैल्यूएशन फ्लाइट बनाई गई थी, जिसके बाद इस यूनिट को देश-विदेश में कला दिखाने और भारत की ताकत का लोहा मनवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। तब से लेकर अब तक सारंग टीम ने देश और दुनिया के कई मंचों पर अपनी अद्भुत कला से लोगों का दिल जीता है। 'तरंग शक्ति 2026' जैसे बड़े मंच पर इस स्वदेशी कला और तकनीक का प्रदर्शन भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की मजबूत मिसाल पेश कर रहा है।
