पुलिस का 'प्रोजेक्ट स्पेक्ट्रम': यौन अपराधियों की निगरानी के लिए देश का पहला 'कलर-कोडेड' सिस्टम, 15,000 आरोपी राडार पर

Color Coded Tracking Sex Offenders: तमिलनाडु पुलिस ने यौन अपराधियों की निगरानी के लिए 'प्रोजेक्ट स्पेक्ट्रम' शुरू किया है। इसके तहत 15,000 अपराधियों को 8 कलर-कोड श्रेणियों में बांटकर बायोमेट्रिक ट्रैकिंग की जाएगी।

Project Spectrum Tamil Nadu Police: महिला और बाल सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा आदतन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए तमिलनाडु पुलिस ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य के साउथ जोन पुलिस ने 'स्पेक्ट्रम' (SPECTRUM - Sexual Offender Profiling, Evaluation, Classification, Tracking, Risk Assessment and Unified Monitoring System) नामक एक व्यापक ट्रैकिंग प्रणाली की शुरुआत की है। इस अनूठी परियोजना का मुख्य उद्देश्य यौन अपराधों के आरोपियों को उनके जोखिम स्तर के आधार पर वर्गीकृत करना और उनकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखना है। इस प्रोजेक्ट में मदुरै, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन और कन्याकुमारी समेत दक्षिण के 10 जिले शामिल हैं। पुलिस ने छेड़छाड़ से लेकर रेप और हत्या तक के यौन अपराधों के मामलों में आरोपी लगभग 15,000 लोगों की मैपिंग की है।

पुलिस का 'प्रोजेक्ट स्पेक्ट्रम': यौन अपराधियों की निगरानी के लिए देश का पहला 'कलर-कोडेड' सिस्टम, 15,000 आरोपी राडार पर

पुलिस का 'प्रोजेक्ट स्पेक्ट्रम': यौन अपराधियों की निगरानी के लिए देश का पहला 'कलर-कोडेड' सिस्टम, 15,000 आरोपी राडार पर (istock)

अपराधियों को बांटा गया

साउथ जोन के आईजी (IG) विजयेंद्र बिदारी ने बताया कि इस क्षेत्र में हर साल यौन अपराधों से जुड़े लगभग 1,500 से 2,000 मामले दर्ज होते हैं, जिनमें कई मामले आपसी सहमति या नाबालिगों से जुड़े (POCSO) होते हैं। ऐसे में कम जोखिम वाले मामलों और आदतन खूंखार अपराधियों के बीच अंतर करने के लिए 8 कलर-कोड बनाए गए हैं:

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