चेन्नई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मातृभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की वकालत की। उन्होंने सीमेंट प्रमुख इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के प्लेटिनम जयंती समारोह में बोलते हुए कहा कि मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा तमिल में होनी चाहिए और तमिनाडु सरकार को इसे शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने क्षेत्रीय भाषाओं में मेडिकल और टैक्नोलॉजी की पढ़ाई शुरू की। मैं तमिलनाडु सरकार से ऐसा करने की अपील करता हूं, तब तमिल-माध्यम के स्कूलों के छात्र आसानी से मेडिकल साइंस को समझ सकते हैं, अपनी भाषाओं में अनुसंधान और विकास कर सकते हैं और मेडिकल साइंस में योगदान कर सकते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
#WATCH | Many states started medical&technical education in regional languages. I appeal to TN govt to do the same,… t.co/Cpr4qJu4O5
— ANI (@ANI) Nov 12, 2022
गृह मंत्री शाह ने कहा कि छात्रों के लिए अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करना आसान होगा और वे अपनी भाषा में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) भी कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तमिल सबसे पुरानी भाषा है और पूरे भारत को इस पर गर्व है। डिफेंस कॉरिडोर जैसी विभिन्न परियोजनाओं को सूचीबद्ध करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और कहा कि पिछले आठ वर्षों के दौरान राज्य और केंद्रीय अनुदान के लिए टैक्स हस्तांतरण कई गुना बढ़ गया है।
शाह के अनुसार, अगर कोई कंपनी 75 साल से अस्तित्व में है तो इससे पता चलता है कि वह उस क्षेत्र में अग्रणी है। कंपनी को शीर्ष पर ले जाने के लिए इंडिया सीमेंट के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एन श्रीनिवासन की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि जब इंडिया सीमेंट्स के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अखिल भारतीय शतरंज संघ (एआईसीएफ) का नेतृत्व कर रहे थे तो वह गुजरात राज्य शतरंज संघ के अध्यक्ष थे। शाह गुजरात क्रिकेट संघ के पदाधिकारी भी थे जब श्रीनिवासन बीसीसीआई के अध्यक्ष थे।
आर्थिक मोर्चे पर शाह ने कहा कि भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अच्छी तरह से बढ़ रहा है और मॉर्गन स्टेनली का हवाला देते हुए कहा कि देश 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। शाह ने यह भी बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कहा है कि भारत अंधेरे क्षितिज में एक उज्ज्वल स्थान है।
