Nitish Kumar News : नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने की चर्चा एक बार फिर जोर पकड़ ली है। इस कयास को तब और मिला जब नीतीश इंडियन नेशनल लोकदल के कार्यक्रम में शरीक नहीं हुए और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती में शामिल होने के लिए पहुंचे। दरअसल, कैथल में हरियाणा के पूर्व CM चौधरी देवीलाल की जयंती के कार्यक्रम में नीतीश समेत विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A के नेताओं को आमंत्रित किया था। इसमें नीतीश कुमार नहीं गए।
सुशील मोदी ने कहा कि अब भाजपा के दरवाजे बंद हो गए हैं।
नीतीश के लिए भाजपा के दरवाजे बंद-सुशील मोदी
इसके बाद सियासी गलियारे में अटकलें लगनी लगीं कि नीतीश कुमार एनडीए में दोबारा जाने के लिए भूमिका बनाने लगे हैं। हालांकि, एनडीए में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने खुद अटकलों को खारिज किया और कहा कि वह विपक्ष को एकजुट करने में लगे हैं, लोग बातें करते रहते हैं। भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि 'नीतीश चाहें नाक रगड़ लें, अब एनडीए में वह शामिल नहीं हो सकते। भाजपा में उनके लिए दरवाजे बंद हो गए हैं।'
पूछा-नीतीश के पास बचा क्या है?
सुशील मोदी ने कहा, 'हम क्यों उनका (नीतीश कुमार) का साथ दें, उनके पास बचा क्या है। उनमें राजनीतिक ताकत क्या है। नीतीश कुमार में दो वोट तो ट्रांसफर करने की क्षमता नहीं है। अगर उनकी राजनीतिक क्षमता बची होती तो साल 2020 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ 24 सीटों पर क्यों सिमट गए।'
'INDIA'गठबंधन में नीतीश को ज्यादा तवज्जो नहीं?
बताया जाता है कि 'INDIA'गठबंधन की हाल की बैठकों में नीतीश कुमार को ज्यादा तवज्जो नहीं मिली है। इससे वह मन ही मन असंतुष्ट और नाराज हैं। अब तक उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी भी नहीं मिली है। इसकी कसक और छटपटाहट कहीं न कहीं उनके मन में है। सूत्रों का कहना है कि नीतीश को उम्मीद थी कि बेंगलुरु बैठक के बाद उन्हें 'INDIA' का संयोजक बनाया जाएगा लेकिन यहां इस बारे में कोई घोषणा नहीं हुई। बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीतीश शामिल नहीं हुए थे।
पीके ने भी नीतीश कुमार पर तंज कसा
चुनाव रणनीतिकार एवं बिहार में जन सुराज पदयात्रा कर रहे प्रशांत किशोर (पीके) बिहार के सीएम पर लगातार निशाना साधते रहे हैं। पीके ने कुछ दिनों पहले कहा कि नीतीश दबाव बनाने की राजनीति करते हैं। नीतीश एक तरफ ऐसा दिखाते हैं कि वह 'INDIA' के साथ हैं दूसरी तरफ एक खिड़की या रोशनदान भी खोले रहते हैं। पीके का इशारा राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश की तरफ था। प्रशांत किशोर ने कहा कि वह हरिवंश के जरिए भाजपा के संपर्क में भी हैं। वह अपने लिए रास्ता हमेशा तैयार रखते हैं।
