Haldwani News Today: उत्तराखंड (Uttarakhand) के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा (Banbhoolpura) में अतिक्रमण हटाने के उत्तराखंड हाईकोर्ट (High Court) के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सुनवाई करेगा। यह याचिका हल्द्वानी के शराफत खान समेत 11 लोगों ने दायर की है। वहीं दूसरी तरफ डेमोलिशन ड्राइव पर सियासी कोहराम मचा हुआ है। कांग्रेस (Congress) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish Rawat) मौन व्रत किया तो समाजवादी पार्टी ने अपने सांसद एसटी हसन की अगुवाई में एक टीम हल्द्वानी भेज दी। लेकिन धामी सरकार ने दो टूक कह दिया है कि कानून का राज है और अदालत के फैसले का हर हाल में सम्मान होगा। मामला रेलवे (Railway) की 78 एकड़ की जमीन पर अवैध कब्जे का है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 5 PAC कंपनियां तैनात हैं इसके अलावा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
Haldwani में अतिक्रमण के मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई
विधायक का बयान
हल्द्वानी अतिक्रमण मामले की सुनवाई कल सुप्रीम कोर्ट में होगी उससे पहले हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत में कहा की , राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में मामले का सही पक्ष नहीं रखा। जो इसे राजनीतिक चश्मे(हिन्दू -मुसलमान )से देख रहे हैं वो आज आए हैं कांग्रेस पार्टी इसे मानवीय चश्मे से देखने की बात करता है। उन्होंने कहा, 'मेरी माताजी पर जो आरोप लगाया जा रहा है उसका मैं खंडन करता हूँ ,जो लोग यहाँ बसे हैं वो कम से कम 20 साल से है. कल सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद है न्याय होगा'सियासत जारी
इस मामले पर खूब सियासी रोटियां सेंकी जा रही है... राज्य की बीजेपी सरकार को विपक्षी नेता पानी पी पीकर कोस रहे हैं, लेकिन ये कहना कतई गलत नहीं होगा कि हल्द्वानी का पैटर्न वही है, जो पूरा देश पहले भी देख चुका है। आपको शाहीन बाग याद होगा। इसी तरह से महिलाओं को आगे किया गया था। इसी तरह से भीड़ जुटाई गई थी। आपको जहांगीरपुरी का मामला याद होगा, जहां बुलडोजर को रोकने के लिए भीड़ जुटा ली गई थी। अब हल्द्वानी में वही सब हो रहा है। फिर वही नैरेटिव सेट करने की कोशिश की जा रही है कि मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है।रेलवे ने दिया सात दिनों का नोटिस
मामले में अतिक्रमणकारियों को रेलवे नोटिस जारी कर चुका हैं। पूर्वोत्तर रेलवे ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि 7 दिन के अंदर जगह खाली कर दें, नहीं तो जबरदस्ती अतिक्रमण हटाएगा। उस पर आने वाला खर्च कब्जेदारों से वसूला जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश पर बनभूलपुरा क्षेत्र से रेलवे की करीब 78 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया जाना है। इस दौरान अतिक्रमण की जद में करीब 4365 घर आ रहे हैं। फिलहाल अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। देश की सुप्रीम अदालत अगर हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे नहीं देता तो 10 जनवरी के बाद धामी सरकार का बुलडोजर हल्द्वानी में 78 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बने 4 हजार से ज्यादा परिवारों के आशियानों पर चलेगा।
