SKS पावर पर खींचतान खत्म, लेनदारों के फैसले पर लगी अंतिम मुहर, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

यह मामला केवल एक कंपनी के स्वामित्व का नहीं था, बल्कि दिवाला कानून के तहत प्रक्रिया की सीमा और अदालत की भूमिका पर भी अहम सवाल खड़े कर रहा था।

सुप्रीम कोर्ट ने एसकेएस पावर जेनरेशन छत्तीसगढ़ लिमिटेड के दिवाला मामले में लंबी कानूनी लड़ाई पर आखिरकार विराम लगा दिया है। 27 फरवरी को आए फैसले में अदालत ने लेनदारों की समिति के निर्णय को सही ठहराते हुए सरदा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड को कंपनी का वैध मालिक माना है। इसके साथ ही असफल बोलीदाताओं की आपत्तियां खारिज हो गईं और कंपनी के नियंत्रण को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया।

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

यह मामला केवल एक कंपनी के स्वामित्व का नहीं था, बल्कि दिवाला कानून के तहत प्रक्रिया की सीमा और अदालत की भूमिका पर भी अहम सवाल खड़े कर रहा था।जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने साफ किया कि जब तक प्रक्रिया में कोई स्पष्ट कानूनी उल्लंघन न हो, तब तक अदालतें कमेटी ऑफ क्रेडिट्स(CoC) के व्यावसायिक निर्णय में दखल नहीं देंगी।

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