Supreme Court Urgent Hearing Mamata Banerjee Plea: तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के खिलाफ ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मामले की अर्जेंट लिस्टिंग के लिए CJI सूर्यकांत के समक्ष मेंशनिंग की।
तृणमूल कांग्रेस सिंबल विवाद: ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग, CJI सूर्यकांत ने दिया आश्वासन
कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग ने नोटिफिकेशन जारी करने के बीच में ही पार्टी के चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया। उन्होंने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि, 'उन्होंने एक नोटिफिकेशन जारी किया और नोटिफिकेशन के बीच में ही चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया। आखिर यह क्या हो रहा है? हम मामले की तत्काल लिस्टिंग चाहते हैं।'
CJI सूर्यकांत ने जल्द सुनवाई की मांग पर क्या कहा?
CJI सूर्यकांत ने कहा कि मामले में दोनों पक्षों की अपनी-अपनी बातें होंगी। उन्होंने सिब्बल से कहा कि जब मामला लिस्ट होगा, तब दोनों पक्षों को सुना जाएगा। CJI ने कहा, 'दोनों पक्षों के पास कहने के लिए कुछ होगा। जब मामला लिस्ट होगा, तब बहस कीजिए। हम इसे लिस्ट करने की कोशिश करेंगे।'
चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी कर तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह को फिलहाल फ्रीज कर दिया था। यह व्यवस्था दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच अक्टूबर में होने वाले उपचुनावों के मद्देनजर की गई है।
ममता बनर्जी ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका में चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। अब सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से इस याचिका की जल्द लिस्टिंग की मांग की है।
टीएमसी के दोनों गुटों को अलग नाम और चिन्ह
चुनाव आयोग के अंतरिम इंतजाम के तहत ममता बनर्जी के गुट को ममता ऑल इंडिया तृणमूल को कांग्रेस नाम और फुटबॉल प्लेयर चुनाव चिन्ह दिया गया है। वहीं दूसरे गुट को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम और लिफाफा चुनाव चिन्ह दिया गया है।
चुनाव आयोग का यह आदेश फिलहाल अंतरिम व्यवस्था है। पार्टी के नाम और मूल चुनाव चिन्ह को लेकर अंतिम निर्णय अलग प्रक्रिया में होना है। सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की चुनौती पर अब सुनवाई की तारीख तय होने का इंतजार है।
