अंधे बेटे और बुजुर्ग मां की बदहाली पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- सिर्फ योजनाएं नहीं, सम्मानजनक जीवन भी सुनिश्चित करे राज्य

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा में अत्यधिक गरीबी से जूझ रहे एक दृष्टिबाधित (blind) व्यक्ति और उसकी बुजुर्ग मां की दयनीय स्थिति पर खुद संज्ञान (Suo Motu) लिया है।

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा में अत्यंत गरीबी में जीवन गुजार रहे एक दृष्टिबाधित व्यक्ति और उसकी बुजुर्ग मां की स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल यह देखना नहीं है कि कल्याणकारी योजनाएं कागजों पर मौजूद हैं या नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि इन योजनाओं का लाभ लोगों को सम्मानजनक जीवन के रूप में वास्तव में मिल रहा है या नहीं।

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अंधे बेटे और बुजुर्ग मां की बदहाली पर सुप्रीम कोर्ट सख्त (फाइल फोटो- PTI)

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इसी हफ्ते लिए स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। मामला अत्यधिक गरीबी में जीवन बिता रहे दिव्यांग नागरिकों के कल्याण से जुड़ा है।

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