Dog Bite: स्ट्रे डॉग्स पर सुनवाई से पहले याचिकाकर्ता की दलील, भैरव के वाहन हैं ये...रीति रिवाज को ध्यान में रखकर सुप्रीम कोर्ट ले फैसला

आवारा कुत्तों और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले एक हस्तक्षेप याचिका दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि किसी भी नीति में हिंदू धर्म सहित सभी धर्मों की पशुओं को भोजन कराने जैसी धार्मिक परंपराओं को अवैध या दंडनीय न बनाया जाए। याचिकाकर्ता ने वैज्ञानिक, मानवीय और संवैधानिक संतुलन के साथ आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान की जरूरत पर जोर दिया है।

आवारा कुत्तों और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले में कल होने वाली सुनवाई से ठीक पहले एक अहम हस्तक्षेप याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका एडवोकेट अरविंद कुमार शुक्ला की ओर से दाखिल की गई है।

stray dogs

आवारा कुत्तों और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले पर होगी सुनवाई।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल)

याचिका में विशेष रूप से यह मांग की गई है कि भविष्य में किसी भी नीति या आदेश में हिंदू धर्म की रीति-परंपराओं और धार्मिक आचरण, खासकर पशुओं को भोजन कराने जैसी परंपराओं, को संरक्षित रखा जाए और उन्हें अवैध या दंडनीय न बनाया जाए। याचिका ऐसे समय दाखिल हुई है जब इस मामले में कल सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई करेगा, ऐसे में ये नई मांग न्यायिक बहस को नया धार्मिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक आयाम दे सकती है।

End of Feed