सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को लगाई फटकार, कहा-वर्दी पहनने के बाद धर्म और जाति से ऊपर उठकर करें ड्यूटी

सुप्रीम कोर्ट ने अक़ोला दंगे में घायल नाबालिग की याचिका पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र पुलिस को फटकार लगाई और जांच के लिए SIT गठित करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि पुलिसकर्मी वर्दी पहनने के बाद धर्म और जाति से ऊपर उठकर केवल कानून के अनुसार काम करें।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अकोला दंगों में घायल नाबालिग मोहम्मद अफजल मोहम्मद शरीफ के मामले की सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि एक बार पुलिसकर्मी वर्दी पहन ले तो उसे धर्म और जाति के सभी भेदभाव से ऊपर उठकर केवल कानून के हिसाब से काम करना चाहिए। अदालत ने इस मामले में जांच की ढिलाई पर गंभीर नाराजगी जताई और महाराष्ट्र के गृह सचिव को आदेश दिया कि एक विशेष जांच दल (SIT) बनाया जाए। इस SIT में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल किए जाएंगे ताकि जांच निष्पक्ष और भरोसेमंद हो सके।

Supreme Court slams Maharshtra Police over non registration of FIR

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। जिस तरह एक नाबालिग को गंभीर रूप से घायल किया गया और फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई, वह कानून के शासन पर सवाल उठाता है। अदालत ने कहा कि पुलिस की यह जिम्मेदारी है कि किसी भी हमले या अपराध की पूरी जांच करे, चाहे पीड़ित या आरोपी किसी भी धर्म या जाति से ताल्लुक रखता हो।

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