Jai Shri Ram slogans Inside Mosque: मस्जिद के अंदर 'जय श्री राम' का नारा लगाने से धार्मिक भावनाएं आहत होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर कर्नाटक सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करने से मना कर दिया। सुनवाई जनवरी 2025 में होगी।
सुप्रीम कोर्ट
इस मामले में हाईकोर्ट ने मस्जिद के अंदर नारा लगाने वाले उपद्रवियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को इस आधार पर रद्द कर दिया गया था कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत नहीं हुई हैं। आरोप लगाया गया है कि दक्षिण कन्नड़ जिले के निवासी दो व्यक्ति पिछले साल सितंबर में एक रात एक स्थानीय मस्जिद में घुस गए और जय श्री राम के नारे लगाए।
हाइकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि यह समझ से परे है कि अगर कोई 'जय श्रीराम' का नारा लगाता है तो इससे किसी वर्ग की धार्मिक भावना कैसे आहत होगी। जब शिकायतकर्ता खुद कहता है कि इलाके में हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के साथ रह रहे हैं तो इस घटना को किसी भी तरह से अपराध नहीं माना जा सकता।
हाईकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर कर्नाटक सरकार से जवाब मांगा है।
