'क्रिकेट संस्थाओं में पूर्व क्रिकेटर हों न कि वे जिन्हें बल्ला पकड़ना भी नहीं आता'; सुप्रीम कोर्ट ने क्यों की ऐसी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया जिसने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) के चुनावों पर रोक लगा दी थी जो मूल रूप से छह जनवरी को होने वाले थे। इन चुनावों में 'भाई-भतीजावाद और पक्षपात'के आरोप लगाए गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गैर विशेषज्ञों द्वारा खेल संस्थाओं के प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्रिकेट संघ का नेतृत्व संन्यास ले चुके क्रिकेटरों को करना चाहिए,ना कि ऐसे लोगों को जिन्हें बल्ला पकड़ना भी नहीं आता। सीजेआई सूर्यकांत,न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने ये टिप्पणी महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए)के चुनावों से जुड़े मामले में की।

सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर रोक से किया इनकार

इस टिप्पणी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया जिसने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) के चुनावों पर रोक लगा दी थी जो मूल रूप से छह जनवरी को होने वाले थे। इन चुनावों में 'भाई-भतीजावाद और पक्षपात'के आरोप लगाए गए थे।शीर्ष कोर्ट बंबई हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एमसीए द्वारा दायर याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

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