दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इसमें केंद्र सरकार समेत दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और यूपी सरकार को पार्टी बनाया गया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।
दिल्ली प्रदूषण का मामला अब सुप्रीम कोर्ट के पास
याचिका में मांग की गई है कि प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेश का पालन न करने को लेकर राज्यो के मुख्य सचिव को तलब किया जाए। साथ ही बढ़ रहे प्रदूषण के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व मे हाईलेबल कमेटी बनाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि स्कूलों और ऑफिस को वर्चुअल तरीके से चलाए जाएं। स्मॉग टॉवर बढ़ाने और दिल्ली मे प्रदूषण को खत्म करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की गई है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि इस मामले पर जल्द से जल्द सुनवाई हो। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट के वकील शशांक शेखर झा ने दाखिल किया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर जल्द सुनवाई करने का फैसला किया है। सीजेआई ने कहा कि हमें लगता है, इसमें हस्तक्षेप की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 10 नवंबर को सुनवाई करेगी।
बता दें कि दिवाली के बाद से दिल्ली में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के कारण दिल्ली की हवा जहरीली होती जा रही है। हाल ये है कि दिल्ली में ग्रेप-4 एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है ताकि प्रदूषण पर काबू पाया जा सके। सरकार ऑड-ईवन पर भी विचार कर रही है। शनिवार से दिल्ली के प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का फैसला किया गया है।
गौरव श्रीवास्तव के इनपुट के साथ
