कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को स्कूलों में मुफ्त में दिया जाए सैनेटरी पैड, सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने क्लास 6 से 12 तक स्कूल जाने वाली लड़कियों को मुफ्त सैनेटरी पैड देने की पॉलिसी की मांग वाली याचिका पर गाइडलाइन जारी की है। इसके अलावा, अदालत ने स्कूलों के लिए कुछ और निर्देश भी दिए हैं, जिनमें अलग-अलग जेंडर के लिए अलग-अलग टॉयलेट की भी सुविधा मुहैया कराने को कहा गया है।

कक्षा 6 से 12 तक स्कूल जाने वाली लड़कियों को मुफ्त सैनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाने की नीति बनाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। इस मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को आदेश दिया है कि देशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों मे क्लास 6 से क्लास 12 तक कि लडकियों को मुफ्त सैनेटरी पैड मुहैया कराया जाए। इसके लिए जरूरी नीति बनाने को भी कहा गया है। वरिष्ठ न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने ये निर्देश दिए।

सुप्रीम कोर्ट

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मध्य प्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता जया ठाकुर की याचिका पर आए निर्देश

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता जया ठाकुर ने इसे लेकर याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने मांग की थी कि कक्षा 6 से 12 तक के स्कूलों में मुफ्त सेनेटरी पैड दिए जाने चाहिए। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकारों को यह निर्देश दिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी कहा कि वो स्कूल में कक्षा 6 से 12 की लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी पैड/मेन्स्ट्रूअल प्रोडक्ट उपलब्ध कराने को लेकर राष्ट्रीय नीति बनाये। साथ ही कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वो मेन्स्ट्रूअल हाइजीन को लेकर अपने फंड से चलाई जा रही पॉलिसी से केंद्र को अवगत कराएं।

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