सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बिल्डर को मिली देरी की सजा, खरीदारों को मिलेगा 18% ब्याज

घर खरीदारों को बड़ी राहत मिली है, देर से कब्जा देने पर बिल्डर को 18 प्रतिशत सालाना ब्याज चुकाना पड़ेगा। यह फैसला उपभोक्ताओं के हित और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता को मजबूत करता है।

सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि यदि कोई बिल्डर खरीदार से भुगतान में देरी होने पर 18 प्रतिशत ब्याज वसूलता है, तो उसे भी उतना ही ब्याज चुकाना होगा अगर वो समय पर मकान या प्लॉट का कब्जा देने में विफल रहा है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई कानूनी सिद्धांत नहीं है कि बिल्डर द्वारा खरीदार से वसूला गया ब्याज खरीदार को नहीं दिया जा सकता।

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला (फाइल फोटो:canva)

12 साल बाद भी नहीं मिला प्लॉट का कब्जा

मामला 2006 का है जब अपीलकर्ता ने एक प्लॉट बुक किया और 28 लाख रुपये से ज्यादा की राशि का भुगतान किया। इसके बावजूद बिल्डर ने मई 2018 तक प्लॉट का कब्जा नहीं दिया। लंबे इंतजार और उत्पीड़न के बाद खरीदार ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई और जमा राशि के साथ ब्याज वापसी की मांग की।

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