सुप्रीम कोर्ट में आज राजनीतिक दलों के नकद चंदे पर सुनवाई, 2000 रुपये तक के 'गुमनाम दान' को चुनौती देने वाली याचिका पर टिकी नजरें

आज, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक खास सुनवाई होनी है। कोर्ट आज राजनीतिक दलों को मिले 2,000 रुपये तक के गुमनाम नकद चंदे को अनुमति देने वाले IT Act की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा।

देश में चुनावी फंडिंग और उसमें पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज, सोमवार को एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई होने जा रही है। इस याचिका में आयकर अधिनियम, 1961 के उस कानूनी प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है, जो राजनीतिक दलों को 2,000 रुपये तक का 'गुमनाम' नकद चंदा स्वीकार करने की छूट देता है। सुप्रीम कोर्ट की कार्यसूची के अनुसार, इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ करने वाली है।

Supreme Court on cash donations political parties

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ करेगी सुनवाई

क्या है याचिकाकर्ता का मुख्य तर्क?

खेम सिंह भाटी द्वारा दायर इस याचिका में मांग की गई है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए नकद चंदे के इस रास्ते को पूरी तरह बंद किया जाए। याचिका में कहा गया है कि चंदे के स्रोतों और चंदा देने वालों की पहचान गुप्त रहने से चुनावी प्रक्रिया की शुचिता प्रभावित होती है। इससे आम मतदाता यह जानने से वंचित रह जाता है कि किस पार्टी को कौन और किस उद्देश्य से फंड दे रहा है। चंदे की जानकारी न होने से मतदाता वोट डालते समय पूरी तरह से जानकारीयुक्त और समझदारी भरा फैसला नहीं ले पाते। याचिका में शीर्ष अदालत के 2024 के उस ऐतिहासिक फैसले का भी उल्लेख किया गया है, जिसके तहत असंवैधानिक करार देते हुए 'इलेक्टोरल बॉन्ड योजना' को रद्द कर दिया गया था।

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