'मैंने कभी ऐसी दर्दनाक घटना नहीं...', जब एसिड अटैक मामले पर सुनवाई करते हुए CJI का फूटा गुस्सा; जानिए क्या है 16 साल से लंबित मामला

सुप्रीम कोर्ट में जब शाहीन मलिक की याचिका पर सुनवाई शुरू हुई, तो खुद मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत भी दंग रह गए। उन्हें यह सुनकर गहरा धक्का लगा कि देश में नई तरह की हिंसा सामने आ रही है, जहां महिलाओं को एसिड पिलाया जा रहा है। यह दर्द न शरीर पर दिखता है, न कानून इसे “एसिड अटैक” मानता है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सभी उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरलों को लंबित एसिड अटैक मामलों से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। गुरुवार को एसिड अटैक एक मामले पर सुनवाई करते हुए सभी हाई कोर्ट से देश में एसिड अटैक के सभी पेंडिंग ट्रायल की डिटेल्स देने को कहा है।

cji suryakant

एसीड अटैक मामले पर सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने जताई चिंता।(फोटो सोर्स: PTI)

दरअसल, पानीपत की शाहीन मलिक पर एसिड अटैक हुआ था। इस अटैक में उसकी आखें चली गई, लेकिन उनके हमलावर आज भी खुले घूम रहे हैं। 16 साल पहले हुआ हमला आज भी अदालत में 'अधूरी कहानी' बनकर लटका हुआ है।

End of Feed