Sugar Crisis News: त्योहारों के मौसम से पहले चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी और देश में इसके घटते भंडार को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है और देश को 10 लाख टन चीनी शुल्क-मुक्त आयात करने की जरूरत पड़ रही है। खरगे ने सवाल उठाया कि जब घरेलू स्तर पर चीनी की कमी की स्थिति बन रही है, तो पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण यानी E20 नीति के तहत गन्ने और अनाज के इस्तेमाल की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने त्योहारों से पहले बढ़ती कीमतों के असर को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है।
चीनी की कमी पर मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार को घेरा (फोटो-PTI)
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खरगे का सरकार पर हमला
खरगे ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि देश में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है और 10 लाख टन चीनी का शुल्क-मुक्त आयात करने की नौबत आ गई है। उन्होंने सवाल किया, ’’दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी का शुल्क-मुक्त आयात करने तक कैसे पहुंच गई?’’
'तीन महीने में चीनी करीब 40 प्रतिशत महंगी'
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तीन महीने में चीनी करीब 40 प्रतिशत महंगी हो गई है और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि त्योहारों से पहले जनता पर पड़ने वाली इस महंगाई की मार के लिए कौन जिम्मेदार है। खरगे ने देश में चीनी की कथित कमी के बीच एथेनॉल नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई20) के लिए गन्ने और अनाज को इस्तेमाल करने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही।
"ये कैसा ’आत्मनिर्भर भारत’ है?’’
खरगे ने अपनी पोस्ट में कहा, ’’पहले चीनी का उत्पादन घटा, फिर भंडारण नौ साल के निचले स्तर पर पहुंचा, अब हम विदेश से चीनी आयात कर रहे हैं और दूसरी तरफ गन्ने को पेट्रोल में मिलाने के लिए एथेनॉल में झोंक रहे हैं!’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने इन मुद्दों के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि त्योहारों के मौसम में चीनी की कीमतों में वृद्धि का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है।
