BJP Central Team Reshuffle: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय संगठनात्मक टीम में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच सोमवार को राजधानी दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और भाजपा-आरएसएस समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे अरुण कुमार ने भी हिस्सा लिया। हालांकि पार्टी की ओर से बैठक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें संगठनात्मक ढांचे और आगामी रणनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
राजनाथ सिहं के आवास पर बैठक के लिए जुटे शाह समेत वरिष्ठ नेता (फोटो- ANI)
अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश
सूत्रों का कहना है कि बैठक का मुख्य फोकस भाजपा की नई केंद्रीय टीम के गठन और संगठन में संभावित बदलावों पर रहा। जनवरी में पार्टी अध्यक्ष का दायित्व संभालने वाले नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा की नई केंद्रीय कार्यकारिणी और पदाधिकारियों की टीम इसी महीने घोषित किए जाने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नई टीम में अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी। संगठन को आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कई नए चेहरों को जिम्मेदारी मिल सकती है। साथ ही कुछ ऐसे नेताओं को, जो फिलहाल सरकार में पद संभाल रहे हैं, संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर सक्रिय भूमिका दी जा सकती है।
राज्यों के संगठनात्मक ढांचे को लगातार मजबूत करने में जुटी पार्टी
भाजपा हाल के महीनों में राज्यों के संगठनात्मक ढांचे को भी लगातार मजबूत करने में जुटी है। इसी क्रम में 28 मई को पार्टी ने कई राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की थी। केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को भाजपा की दिल्ली इकाई का अध्यक्ष बनाया गया, जबकि अर्चना गुप्ता को हरियाणा भाजपा की कमान सौंपी गई। पंजाब में सरदार केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया, वहीं त्रिपुरा में पहली बार विधायक बने अभिषेक देबरॉय को राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा संगठन में यह पुनर्गठन आगामी विधानसभा चुनावों और भविष्य की राष्ट्रीय राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। ऐसे में नई केंद्रीय टीम की घोषणा पर पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
